अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
बीसीआर न्यूज़/अयोध्या: राम मंदिर दान चोरी केस को लेकर पूर्व सांसद विनय कटियार ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में चंपत राय और गोपाल राव के नाम भी सामने हैं और जांच के आधार पर चंपत राय को आगे चलकर जेल भी जाना पड़ सकता है। विनय कटियार ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं और उन्हें भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम को लेकर कहा कि अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी और जो भी होगा, वह ठीक होगा। राम मंदिर दान चोरी मामले में विनय कटियार ने कहा कि इस मामले में पैसों का जबरदस्त गबन हुआ है और इसकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि एसआईटी एक ही दिन में जांच पूरी नहीं करती, इसमें दो-तीन दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।
एसआईटी किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं
राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक बीजेपी नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि जो भी इस प्रकरण में एसआईटी को आदेश मिला, वो कर रहे हैं। एसआईटी किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं। वे पूरा काम करेंगे। विनय कटियार ने कहा कि वे ज्यादा लोगों के नाम नहीं बताएंगे। लेकिन राम मंदिर में तैनात रहे गोपाल राव के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि गोपाल राव बेकार आदमी हैं। कोई लेन देन नहीं कुछ नहीं करता था। पता नहीं किसने उसको यहां बना करके भेजा। विनय कटियार ने कहा कि हम कभी जाते नहीं वहां, एक दिन हम घूमते-फिरते चले गए। सोचा, बहुत दिन हो गए। भगवान राम के दर्शन कर लें। तो गोपाल राव ने हमसे कहा कि आप किसकी अनुमति से आए हैं। इस पर मैनें नाराजगी व्यक्त की।
ट्रस्टी अनिल मिश्रा के बारे में पूछने पर विनय कटियार ने कहा कि अनिल मिश्रा तो सीधे आदमी हैं। अनिल जी भी चक्कर में फंस गए।.वे ऐसे नहीं करते। विनय कटियार ने कहा कि वो फंस गए बेचारे। वो आदमी ठीक हैं। चंपत राय को लेकर विनय कटियार ने कहा कि हमने चंपत को समझाया था,उनको बात समझ में आई नहीं तो मैं क्या कर सकता था। कटियार ने कहा कि लगता है चंपत का भी भाग्य ठीक नहीं है।
अब तक क्या हुआ
राम मंदिर में दान की चोरी के मामला 7 जून को सामने आया था। समाजवादी पार्टी ने चढ़ावे में से करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन का आरोप लगाया था। सपा के प्रमुख अखिलेश यादव के इन दावों का समर्थन किया था और इस पर जवाब मांगा था। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुरू में इन आरोपों को खारिज कर दिया था। हालांकि बढ़ते दबाव के चलते बाद में ट्रस्ट ने यूपी सरकार से मामले की जांच करने का अनुरोध किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को एक एसआईटी का गठन कर दिया। एक हफ्ते के भीतर एसआईटी ने एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी जिसमें डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम में प्रक्रियात्मक कमियों की पहचान की गई। इस मामले में अब तक आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें दान की गणना करने वाली एक आउटसोर्स एजेंसी के छह कर्मचारी भी शामिल हैं। अन्य दो आरोपियों में टिन्नू यादव शामिल हैं, जिन्हें चंपत राय का लंबे समय से सहयोगी बताया जाता है।
हाइलाइट्स
- राम मंदिर दान चोरी केस पर पूर्व सांसद विनय कटियार का बड़ा दावा
- जांच के आधार पर चंपत राय को जेल भी जाना पड़ सकता है- कटियार
- मैं पीएम मोदी के संपर्क में हूं, भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा- कटियार
