अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: आज दिल्ली में अतिक्रमण के नाम पर काफी कुछ हो रहा है मगर क्या ये सही है ? क्योंकि रिहायसी इलाकों से कॉमर्शियल गतिविधियां हटाने का आदेश तो सही है लेकिन रेडी-पटरी, सड़कों, गलियों व पार्कों से अवैध कब्ज़ा हटाने के आदेश कब आएंगे ? जिस तरीके से एमसीडी द्वारा एनडी मार्किट, डीपी मार्किट, केडी मार्किट और आसपास व एपी मार्किट, एमपी मार्किट के आसपास के इलाके को चिन्हित करके कार्यवाही की जा रही है इसी तरीके से सभी गलियां अतिक्रमण से मुक्त करवानी चाहिए।
आइये जानते हैं आखिरकार ये मामला है क्या ! आपको बता दें कि कोर्ट के आदेशानुसार एमसीडी द्वारा रिहायसी इलाकों में कॉमर्शियल गतिविधियों को हटाने के आदेश जारी चुके है और सभी को नोटिस देने के साथ-साथ कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
मगर हम आपको बताना चाहते हैं कि दिल्ली सरकार व एमसीडी को ये सब तो दिख रहा है मगर सबसे बड़ा अतिक्रमण एमसीडी और दिल्ली सरकार को नहीं दिखाई दे रहा है, जी हाँ, वह है घरों का अतिक्रमण, ये ऐसा लालच वाला अतिक्रमण जिसने सभी गलियां, सीवर, वाटर पाइप लाइन को घरों के अंदर ले लिया है जो कि स्थानीय निवासियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
आजकल आप देख ही रहें होंगे कि गर्मी ने पूरे देश में त्राहिमाम मचाया हुआ है और सभी सरकारें अपने-अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है इसीलिए हम दिल्ली सरकार से अनुरोध करते हैं कि आने वाला समय बहुत ही संघर्ष पूर्ण होने वाला है क्योंकि गर्मियां समाप्त होने के तुरंत बाद बरसात का समय आने वाला है और सीवर लाइन, सड़कें, गलियों को सुरक्षा के नाम पर कुछ दबंग लोगों ने घेरा हुआ है और कब्ज़ा करके जनता फ्लैटों को आलिशान कोठी बनाया हुआ है मगर बरसातों में ये आलिशान कोठी ही समुन्द्र में तैरने लगती है और गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है कुछ लोगों ने तो गलियों में गेट लगाकर रास्ते ही बंद कर रखे हैं जहाँ से आप निकल ही नहीं सकते।
इसलिए दिल्ली सरकार से अनुरोध है कि इस मुद्दे पर भी ध्यान दिया जाए और सड़कों, गलियों व पार्कों से कब्ज़ा हटाने के आदेश दिए जाए ताकि स्थानीय निवासियों का आवागमन सुचारु रूप से हो सके।
आपको बता दें कि पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण की सभी हदें पार हो चुकी हैं और कभी भी हृदयविदारक घटना घट सकती है क्योंकि कुछ असामाजिक तत्वों व दबंग लोगों अपने घरों की सुरक्षा के नाम पर गलियां ही बंद कर दी है और सड़कों, गलियों व पार्कों पर कब्ज़ा करके घरों के अंदर ले लिया है।
अब स्थानीय निवासियों को उस पल का इंतज़ार हैं जब दिल्ली सरकार व एमसीडी इन दबंगों द्वारा किये गए अतिक्रमण को हटाने का आदेश देती है और स्थानीय निवासियों को खुले में सांस लेने का हक़ देती है।
