अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण की सभी हदें पार, अतिक्रमण से गलियां व रास्ते बंद, सीवर लाइन को भी लिया घरों के अंदर।
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण की सभी हदें पार हो गयी है क्योंकि अतिक्रमण चरम सीमा तक पहुँच गया है। असामाजिक तत्वों व दबंगों ने गलियां बंद करके सीवर लाइन को भी घरों के अंदर ले लिया है मगर शासन व प्रशासन सोया हुआ है लगता है प्रशासन विवेक विहार, मालवीय नगर, साकेत व उत्तम नगर जैसी हृदयविदारक घटनाओं के इंतजार में है।
वीपी ब्लॉक भी कर रहा है हादसों का इंतज़ार, मुख्यमंत्री की भी नहीं सुन रहे है एमसीडी अधिकारी, मुख्यमंत्री के इलाके में 2 जेई होने के बावजूद भी कार्यवाही नही हो रही है।

स्थानीय निवासियों द्वारा 2 मई को मुख्यमंत्री जनसुनवाई में और 6 मई व 14 मई व 26 मई को ईमेल के माध्यम से, इसके आलावा शासन व प्रशासन को शिकायत पत्र के माध्यम से सूचना देने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
आपको बता दें कि पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में फिलहाल सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है जिस कारण मुख्य मार्ग बंद है। स्थानीय निवासियों को आने-जाने में बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी को अगर घर के पीछे वाली गली में ही जाना हो तो पूरे ब्लॉक का चक्कर काट कर जाना पड़ता है क्योंकि अतिक्रमण इतना ज्यादा हो गया है कि दबंग लोगो ने गलियों पर कब्ज़ा करके, सीवर लाइन को भी मकान के अंदर ले लिया है और कई जगहों पर तो गेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया है।
इस सम्बन्ध में दिल्ली सरकार व सम्बंधित विभाग से शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जबकि इस शिकायत पत्र को दिए हुए 35 दिन बीत चुके है, हमें लग रहा है कि शासन व प्रशासन विवेक विहार व उत्तमनगर जैसी हृदयविदारक घटनाओं के इंतजार में है।

हमने जब एमसीडी के क्षेत्रीय जेई रवि चौहान से वार्तालाप किया तो उन्होंने बताया कि हमारे पास इस तरह की अभी तक कोई जानकारी नहीं है जबकि इस सम्बन्ध में मैं (अजय शास्त्री) स्वयं दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी से मिले और शिकायत पत्र सौंपा, उन्होंने उस पत्र को स्थानीय निगम पार्षद अमित नागपाल जी को तुरंत दे दिया और इस सम्बन्ध में कार्यवाही करने को कहा मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
हम दिल्ली सरकार से पूछना चाहते हैं कि सीवर लाइन को घर के अंदर लेकर और गलियों में गेट लगाकर और अतिक्रमण करने से या गलियां बंद करने से ही सुरक्षा होती है क्या ? कॉलोनियों की गलियां आने-जाने के लिए होती है या कब्ज़ा करके उस पर अपना मकान बनाने के लिए होती हैं ?

आपको बता दें कि वीपी ब्लॉक पीतमपुरा वासी अतिक्रमण को लेकर बहुत परेशान हैं उनका कहना है कि अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाये और बंद पड़ी सीवर लाइन को फिर से खोलकर उनकी मरम्मत की जाये ताकि बरसात के दिनों में जल भराव जैसी किसी अन्य तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल सके और स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन भी सुचारु रूप से हो सके।
दिल्ली की मुख्यमंत्री माननीया श्रीमती रेखा गुप्ता से वीपी ब्लॉक पीतमपुरा के स्थानीय निवासियों का अनुरोध है कि इस सम्बन्ध में अपने स्तर पर उचित कार्यवाही करते हुए और सम्बंधित विभाग से सर्वे कराकर सभी गलियों को खुलवाया जाये और अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाये ताकि स्थानीय निवासी सुचारु रूप से गलियों का लाभ उठा सके और अन्य किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

इस विषय की जानकारी संयुक्त रूप से दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही, एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार व डिप्टी कमिश्नर केशवपुरम जोन को ईमेल व पत्र के माध्यम से दे चुकी है मगर अभी तक कोई भी कार्यवाही नही हुई है।
