अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी में 2020 में हुए दंगे में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत 5 को दोषी ठहराया है. इसके बाद भाई अंकुर ने संवाददाता से दर्द साझा किया, दोषियों को फांसी और अंकित शर्मा को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।
दिल्ली दंगे 2020 का वो घाव एक बार फिर ताजा हो गया है. दरअसल, इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है. इस फैसले के बाद अंकित के छोटे भाई अंकुर शर्मा का दिल टूटा हुआ है।
संवाददाता से बात करते हुए अंकुर ने अपनी पीड़ा साझा की. उन्होंने कहा कि घटना के बाद परिवार पलायन कर चुका है, लेकिन कैमरे के सामने आने से डरते हैं, वह अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
अंकुर ने बताया कि, “मेरा भाई ड्यूटी पर था, आईबी ने ही उसे वहां भेजा था. हमारे पास आधिकारिक पत्र है जो साबित करता है कि घटना के समय वह ऑन ड्यूटी थे.”अंकित आईबी अधिकारी थे, लेकिन घर वालों को भी अपनी असली पहचान नहीं बताते थे. वह हमेशा कहते थे कि दिल्ली पुलिस में हैं और सिविल ड्रेस में रहते थे. परिवार को उनकी मौत के बाद ही असली ड्यूटी का पता चला।
दंगे के बाद सुरक्षा कारणों से पूरा परिवार उस इलाके को छोड़कर कहीं और शिफ्ट हो गया. अंकुर कहते हैं कि अब भी उन्हें डर सताता है. वे कहते हैं, “जिसने मेरे भाई को इतनी बेरहमी से मारा, उसे फांसी मिलनी चाहिए.” परिवार अब बस इतना चाहता है कि सरकार अंकित को शहीद का दर्जा दे या उनके सम्मान में कोई राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करे।
अंकुर ने साफ कहा कि उन्हें सिर्फ सजा नहीं, पूरा इंसाफ चाहिए. उन्होंने सरकार से अपील की कि अंकित जैसे जवानों की बलिदानी को कभी भुलाया न जाए।
बता दें कि 15 फरवरी 2020 को दिल्ली के चांद बाग इलाके में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की भीड़ ने निर्मम हत्या कर दी थी. उनके शव में 50 से ज्यादा चोटें थीं. इस मामले में ताहिर हुसैन पर गंभीर आरोप लगे थे. करीब 6 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है, जिससे परिवार को कुछ राहत तो मिली है, लेकिन वे अब भी पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं।
