July 9, 2026
Building in Collaps in Sector 16 Delhi

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में मंगलवार शाम करीब 4 बजे निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आशंका है कि कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. मौके पर एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.

निवासियों के मुताबिक अब तक मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि एक व्यक्ति की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है. हालांकि अब रोहिणी बिल्डिंग हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है और एक घायल बताया जा रहा है.

मलबे से दिल्ली फायर सर्विस ने 3 लोगों को बाहर निकाला था. इनमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 1 व्यक्ति घायल मिला. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने DFS के पहुंचने से पहले ही एक व्यक्ति को मलबे से बाहर निकाल लिया था, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस तरह हादसे में कुल 3 लोगों की मौत हुई है.

युद्धस्तर पर चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन

बारिश के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है. मौके पर करीब 50 एनडीआरएफ के जवान, 20 दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी और 20 से 25 दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात हैं. मलबा हटाने के लिए 8 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं. एम्बुलेंस भी मौके पर मौजूद हैं ताकि किसी भी घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके.

गोल्डन ऑवर में LIVE डिटेक्टर्स से तलाश

रेस्क्यू टीम मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए LIVE डिटेक्टर्स का इस्तेमाल कर रही है. ये उपकरण मलबे के नीचे दबे व्यक्ति की धड़कन या हलचल का पता लगाने में मदद करते हैं. जब इन डिटेक्टर्स से स्कैनिंग की जाती है, तब आसपास की सभी गतिविधियां कुछ समय के लिए रोक दी जाती हैं ताकि हल्की से हल्की आवाज या धड़कन भी सुनी जा सके. लगातार हो रही बारिश इस प्रक्रिया को और मुश्किल बना रही है.

लोगों ने क्या बताया?

स्थानीय निवासी गणेश के मुताबिक हादसा करीब 4:10 बजे हुआ. उनका कहना है कि यह इमारत काफी समय से बन रही थी और हादसे के वक्त सड़क से गुजर रहे कुछ राहगीर भी इसकी चपेट में आ गए. उन्होंने आशंका जताई कि कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं.

एक अन्य निवासी ने बताया कि अगर आज यहां लगने वाला फ्राइडे मार्केट लगा होता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था क्योंकि उस समय इलाके में काफी भीड़ रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में बड़ी संख्या में मजदूर और कामकाजी परिवार रहते हैं. इसलिए मलबे के नीचे मजदूरों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी फंसे होने की आशंका है.

लोगों के मुताबिक इस इमारत का निर्माण करीब दो साल से चल रहा था. चौथी मंजिल तक निर्माण पूरा हो चुका था और इन दिनों फिनिशिंग का काम चल रहा था. स्थानीय लोगों का दावा है कि अगले महीने इस इमारत में गृह प्रवेश (मुहूर्त) होना था. वहीं, कुछ मजदूर पिछले कई दिनों से ग्राउंड फ्लोर पर ही रह रहे थे.

मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका

स्थानीय निवासी अंकुर dubey ने बताया कि हादसे के समय वह मौके पर ही मौजूद थे. उनके मुताबिक मकान मालिक अक्सर बाहर कुर्सी लगाकर बैठते थे. उनका कहना है कि निर्माण का अधिकांश काम पूरा हो चुका था, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर रह रहे मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है. उन्होंने अनुमान जताया कि 8 से 10 लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सबसे बड़ा सवाल

यह इमारत लगभग तैयार हो चुकी थी और सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी था, फिर अचानक पूरी इमारत कैसे ढह गई? क्या निर्माण में किसी तरह की लापरवाही हुई? क्या निर्माण सामग्री या स्ट्रक्चर में कोई खामी थी? क्या नियमों का पालन किया गया था? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *