अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार, संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण की सभी हदें पार हो चुकी हैं, कुछ दबंगों ने आने-जाने का रास्ता यानि गलियों को बंद करके और सीवर लाइन को भी घरों के अंदर ले लिया हैं और एक कमरे वाले जनता फ्लैट को तीन से चार कमरों का फ्लैट यानि कोठी बना ली है। हम आपको बताना चाहते हैं कि फ्लैटों की हालत बहुत ही जर्जर है और स्थानीय निवासी अतिक्रमण से बहुत ही ज्यादा परेशान हैं, कभी भी किसी भी दिन किसी अप्रिय घटना की सूचना आ सकती है।

इस की शिकायत हम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व सम्बंधित विभाग यानि एमसीडी को काफी लम्बे समय से करते आ रहे हैं मगर एमसीडी के अधिकारी गूंगे, बहरे और अंधे बने बैठे हैं एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि ये काम हमारे विभाग का नहीं है।
इस सम्बन्ध में हमारी बात जब स्थानीय जेई रवि चौहान से हुई तो उनका कहना है कि मैंने अपनी तरफ से रिपोर्ट बनाकर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन को भेज दी है।

कुछ समय बीतने के बाद हमने इस कार्यवाही के बारे में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन से बात की तो उनका कहना कि मैंने इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एक कवरिंग लेटर बनाया और इस पत्र पर डीसी साहब और एसई साहब के हस्ताक्षर करवाकर बिल्डिंग विभाग को कार्यवाही के लिए भेज दिया है।
कुछ समय बीतने के बाद हमने फिर इस शिकायत के बारे में एमसीडी के बिल्डिंग विभाग से संपर्क किया और जानकारी लेने की कोशिश की तो हमारी बात इंजीनियर ललित कुमार से हुई, जिनके पास यह शिकायत कार्यवाही के लिए भेजी गयी थी। इंजीनियर ललित कुमार का कहना है कि ये कार्यवाही हमारे विभाग में नहीं आती है ये कार्यवाही मैंटीनैंस/रखरखाव विभाग के अंदर आती है, अगर ये कार्यवाही मेंटिनेंस/रखरखाव विभाग के अंदर आती है तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन ने इस शिकायत को बिल्डिंग विभाग को क्यों भेजा ?
अब यह केस यहाँ फंसता हुआ नजर आ रहा है क्योंकि इस सम्बन्ध में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय द्वारा भी तीन से चार बार सम्बंधित विभाग यानि एमसीडी और अधिकारियों को ईमेल के जरिये सूचित किया गया जा चुका है मगर अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।

अब हम सम्बंधित विभाग और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी पूछना चाहते हैं कि यह कार्यवाही किस विभाग के अंदर आती है ? क्योंकि एमसीडी विभाग का प्रत्येक अधिकारी इस शिकायत पर पल्ला झाड़ता हुआ नजर आ रहा है।
खास बात ये कि बिल्डिंग विभाग के अधिकारी इंजीनियर ललित कुमार के मुताबिक तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन इस कार्यवाही को गलत दिशा में लेकर जाने की प्रयास कर रहे हैं क्योंकि ये कार्यवाही बिल्डिंग विभाग की नहीं है ये कार्यवाही मेंटिनेंस/रखरखाव विभाग की है। हमें मालूम नहीं है कि सुनील जैन ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्योंकि जिस विभाग का ये केस ही नहीं है उस विभाग को यह केस क्यों भेजा? अब हमें यह समझ नहीं आ रहा है कि कौन गलत है कौन सही !
पीतमपुरा वीपी ब्लॉक के निवासी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध करते हैं कि इस कार्यवाही को सही दिशा दिखाएँ और उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
