June 15, 2026
Fort-of-India

बीसीआर न्यूज़ (मुम्बई): बॉलीवड में फिल्मों के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए, आज मुझे अपनी कलम का सहारा लेना पड़ा, बॉलीवुड में अक्सर देखा गया है कि हिंदुओं के इतिहास पर ही फिल्मों का निर्माण किया जाता है, मगर ये गलत है, क्योंकि फिल्मों के अंदर इतिहास कहीं दूर तक भी नजर नहीं आता शिवाय नग्नता के, बॉलीवुड में हिंदुओं के इतिहास का मजाक बनाया जा रहा है, हिंदुओं का इतिहास आज सिर्फ बॉलीवुड के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है, बॉलीवुड के निर्माता अगर संस्कृति को दिखाना चाहते है तो किसी मुस्लिम पैगम्बर पर भी तो फिल्म बनाये ?

हिंदुओं की सभ्यता को ही क्यों तोड़ मरोड़कर फिल्म बनाते है? मैं फिल्म निर्माताओं से ये पूछना चाहता हूँ कि हिंदुओं के इतिहास में सिर्फ रास-लीला ही लिखी है क्या ? इतिहास पर बनी किसी भी फिल्म को आप देख लीजिये, वो फिल्म रासलीला से शुरू होती है और रासलीला पर ही ख़त्म होती है, क्या हिंदुओं का ये ही इतिहास है ?

मैं (अजय शास्त्री) अपनी कलम के माध्यम से भारत सरकार से ये विनती करता हूँ कि भारत में भारतीय इतिहास पर बनने वाली सभी धार्मिक फिल्मों पर प्रतिबन्ध लगना चाहिए, अगर कोई भी निर्माता भारतीय इतिहास पर फिल्म बनाना चाहता है तो सबसे पहले वह भारतीय इतिहास विशेषज्ञों से फिल्म की स्क्रिप्ट यानी कहानी को पास करवाये तभी भारतीय इतिहास पर फिल्म बनाये अन्यथा नहीं !

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