August 7, 2026
Muzaffarnagar Barsih News

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/मुज़फ्फरनगर: मानसून एक बार फिर से मुज़फ्फरनगर व मेरठ पर मेहरबान है। एक जून से सात अगस्त तक प्रदेश में सबसे अधिक बरसात वाले जनपद मुज़फ्फरनगर व मेरठ है।

मुज़फ्फरनगर व मेरठ में बुधवार की सुबह से बरसात जारी है। गुरुवार को शाम साढ़े पांच बजे तक 80 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है। शुक्रवार को भी सुबह तक मेघों के बरसने का दौर जारी है।

अधिक ऊंचाई वाले भारी नमी युक्त बादलों का बड़ा समूह एनसीआर के ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग ने गुरुवार को मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, समेत बड़े भूभाग के लिए मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी किया था।

यही कारण रहा सावन में अच्छी बरसात बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार को देखने को मिली। हालांकि बरसात से शहर के बडे इलाके भारी जलभराव हो गया है। आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कांवड़िया ऐसे मौसम में भी बम बोल के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

पश्चिम उप्र के सबसे अधिक बरसात वाले जनपद

इस बार मौसम विभाग अल नीनो प्रभाव के चलते देश भर में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बरसात की आशंका जताई थी। देश में इसका प्रभाव दिखा भी है। लेकिन मुज़फ्फरनगर व मेरठ की तस्वीर कुछ अलग है। मेघ देवता मुज़फ्फरनगर व मेरठ पर अपनी ज्यादा ही कृपा बनाए हुए हैं।

मेरठ और मुजफ्फरनगर इस बार प्रदेश के चेरापूंजी बन गए हैं। यहां सबसे अधिक बरसात हुई है। मेरठ में अगस्त में अब तक 100 मिलीमीटर से अधिक बरसात छह दिन में हो चुकी है। पूरे माह में सामान्य रूप से 217 मिलीमीटर बरसात होती है।

इसके पहले जुलाई में भी सामान्य की तुलना में मुज़फ्फरनगर व मेरठ में ढ़ाई गुना अधिक बरसात 585 मिलीमीटर हुई है। एक जून से सात अगस्त तक मेरठ में 624 मिलीमीटर बरसात, सामान्य से 83 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है।

वहीं पश्चिम उप्र के 33 जिलों में अब तक मानसून की बरसात सामान्य से कम 16 प्रतिशत कम हुई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के प्रभारी डा. यूपी शाही ने बताया कि मुजफ्फरनगर और मेरठ में सबसे अधिक बरसात देखने को मिली है। गुरुवार को हो हुई बरसात का क्षेत्र व्यापक रहा। ऐसे में अन्य जिलों बरसात की कमी के कुछ हद तक पूरा होने की संभावना है।

कृषि विश्वविद्यालय के प्रो आरएस सेंगर ने बताया कि बरसात की झड़ी फसलों के लिए उपयुक्त है विशेष रूप से धान और गन्ने की फसल के लिए। सब्जी वाले खेतों में किसानों को पानी की निकासी का उचित प्रबंध करना चाहिए।

  • 624 मिलीमीटर बरसात हुई एक जून से 7 अगस्त तक हुई बरसात
  • 80 मिलीमीटर बरसात हुई बुधवार से गुरुवार को शाम साढ़े पांच बजे तक
  • 78 प्रतिशत अधिक बरसात है मेरठ में एक जून से 7 अगस्त तक
  • 13 प्रतिशत कम बरसात है पश्चिम उप्र में
  • 27 प्रतिशत कम बरसात है पूर्वी उप्र में

सबसे अधिक बरसात वाले जनपद

  • मेरठ 624
  • मुजफ्फरनगर 621
  • संभल 560
  • महराजगंज 525
  • बिजनौर 514
  • बहराइच 503

यहां हुई सबसे कम बरसात

  • गौतम बुद्ध नगर 78
  • गाजियाबाद 96
  • कौशांबी 95
  • शामली 112
  • रायबरेली 121

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