अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए एमसीडी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि आप जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। हाईकोर्ट ने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। अदालत ने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मलबे में फंसी जिंदगियों को जल्द से जल्द बचाया जा सके।
ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?
हाईकोर्ट ने कहा कि 50 छात्रों की जान दांव पर लगी है। कुछ छात्र अभी-भी मलबे के नीचे दबे हैं। इससे ज़्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। आप ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि लोगों की जान बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन को बढ़ाने और हर संभव तरीके से जीवन बचाने पर जोर दिया।
हादसे में सात लोगों की मौत, मलबे में कई दबे
बता दें कि रविवार को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मजिला इमारत भरभराकर गिर गई। बताया जाता है कि जिस वक्त यह बिल्डिंग गिरी उसके बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में एक पीजी चलता था जिसमें कई छात्र रहते थे। रविवार होने के चलते अधिकांश छात्र अपने कमरे में ही थे। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और मलबे से जिंदा लोगों की तलाश की जा रही है।
