अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में शुक्रवार (31 जुलाई) को पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. कोर्ट का फैसला आने के बाद बीसीआर न्यूज़ से खास बातचीत में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आज मेरे भाई की आत्मा को कुछ हद तक शांति मिली है.
दोषियों को फांसी मिलनी चाहिए थी- अंकुर शर्मा
अंकुर शर्मा ने आगे कहा, ”परिवार शुरू से ही दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करता रहा है. अंकित के साथ जिस तरह की बर्बरता हुई, उसे देखते हुए यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ था और दोषियों को फांसी मिलनी चाहिए थी.
पुलिस ने कोर्ट में सभी सबूत पेश किए- अंकुर शर्मा
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के भाई ने ये भी कहा, ”पुलिस ने कोर्ट में सभी सबूत पेश किए, जिसके आधार पर दोषियों का अपराध साबित हुआ. कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इस मामले में उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा बनती थी.”
ताहिर हुसैन भाजपा का आदमी था- सौरभ भारद्वाज
उधर, आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के प्रमुख और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, ”दिल्ली दंगो के मामले में कोर्ट ने सजा का ऐलान किया है. भाजपा बोल रही है कि आम आदमी पार्टी ने दंगा कराया. ताहिर हुसैन पर आरोप लगने के बाद हमने उसे AAP से निकाल दिया. ताहिर हुसैन भाजपा का आदमी था. दिल्ली दंगों में अगर किसी को फायदा हुआ है तो वो भाजपा को हुआ है.
ताहिर हुसैन के घर में कपिल मिश्रा का ऑफिस था- भारद्वाज
उन्होंने आरोप लगाते हुए आगे कहा, ”मुस्तफाबाद सीट पर भाजपा को जिताने के लिए ताहिर हुसैन को चुनाव में खड़ा किया गया. ताहिर को जहां जाना होता था वहां जाता था. चुनाव प्रचार करता था. ताहिर हुसैन के घर में कपिल मिश्रा का ऑफिस था. जब ताहिर हुसैन के घर को तोड़ने आये थे, तो कपिल मिश्रा ने ही बचाया था. कपिल मिश्रा ने ही निगम पार्षद की टिकट दिलाई. ओवैसी की पार्टी से मुस्तफाबाद से ताहिर हुसैन को चुनाव लड़वाया था.”
सौरभ भारद्वाज ने कहा ये भी कहा कि भाजपा वाले ओवैसी की पार्टी का नाम नहीं ले रहे हैं. हर्ष मल्होत्रा जिस दिन डिबेट करें, मैं तैयार हूं. हर्ष मल्होत्रा नहीं सुधरे तो ये GEN Z सुधार देगी. जैसे प्रधानमंत्री मोबाइल से वीडियो बना रहे हैं. उन्हें भी बनानी पड़ेगी.
