अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली।। दिल्ली में बारिश का दौर जारी है. ऐसे में जलभराव की समस्या हर जगह देखने को मिल रही है. इसे देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. मानसून के दौरान राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए MCD ने अपने करीब 80 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी मंजूर की गई छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. इसके साथ ही अगले आदेश तक नई छुट्टियों को मंजूरी देने पर भी रोक लगा दी है.
क्यों की गई कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
MCD की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ये फैसला रेगुलर, कॉन्ट्रैक्चुअल, अस्थायी और आउटसोर्स के माध्यम से काम करने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू होगा. निगम ने ये भी बताया कि बारिश के मौसम में जलभराव, नालों की सफाई, कचरा उठाने, पेड़ गिरने जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे समय में सभी कर्मचारियों का ड्यूटी पर मौजूद रहना जरूरी है, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल सके.
कर्मचारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
सिविक सेंटर के MCD मुख्यालय के केंद्रीय स्थापना विभाग ने सभी विभागों को साफ तौर पर निर्देश जारी किया है कि कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें. जैसे ही किसी तरह की आपात स्थिति की सूचना मिले तुरंत संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी. निगम का मानना है कि इससे बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी.
विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस जरूरी
MCD ने सभी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को भी जरूरी कर दिया है. अब जितने भी कर्मचारी है उन्हें समय पर अपनी मौजूदगी को दर्ज करनी होगी. वहीं विभाग के अध्यक्षों को ये जिम्मेदारी दी गई है कि अगर कोई भी कर्मचारी बिना परमिशन के अनुपस्थित रहता है तो उसकी जानकारी उसी दिन मुख्यालय को भेजी जाए.
ड्यूटी से गायब रहने पर क्या होगा?
निगम ने साफ किया है कि बिना परमिशन के ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में FIR भी दर्ज कराई जा सकती है. हालांकि गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश और दूसरे विशेष मानवीय परिस्थितियों में पहले से अनुमति लेकर छुट्टी ली जा सकेगी.
क्या कहा MCD के सहायक आयुक्त गौरव चतुर्वेदी ने?
MCD के सहायक आयुक्त गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि मानसून के दौरान लोगों को जलभराव और दूसरी आपात स्थितियों से जल्द राहत देना निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसी वजह से सभी कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाएगा, ताकि बारिश के कारण होने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके और नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
रिपोर्ट: रचना शर्मा
