मैक्स लाइफ इंश्योरेंस अधिकारी बनकर बोनस और पॉलिसी क्लोजर का झांसा, फर्जी रसीदें व्हाट्सऐप पर भेजकर कई बैंक खातों में कराए ट्रांजेक्शन
बीसीआर न्यूज़ ब्यूरो
बीसीआर न्यूज़/गुजरात: वडोदरा के न्यू समा रोड क्षेत्र में रहने वाली ईएमई (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग) से सेवानिवृत्त महिला सुपरिटेंडेंट को साइबर ठगों ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी बंद कर बोनस और रकम वापस दिलाने का झांसा देकर 4.99 लाख रुपये से अधिक की ठगी का शिकार बना लिया। आरोपियों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताकर विश्वास में लिया और फर्जी रसीदें भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली।
न्यू समा स्थित रुद्राक्ष रेसिडेंसी में रहने वाली सेवानिवृत्त ईएमई सुपरिटेंडेंट लता रविंद्र दावडकर ने समा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 7 मार्च को उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम विशाल शर्मा बताते हुए कहा कि उनकी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर बोनस क्लेम हुआ है और प्रक्रिया पूरी करने के लिए दूसरे नंबर पर संपर्क करने को कहा।
इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने पॉलिसी बंद कराने की प्रक्रिया के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ब्लैंक चेक और ओटीपी की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के लिए कहा गया। शुरुआत में 52 हजार रुपये जमा कराए गए और बाद में कई किश्तों में भुगतान कराया गया।
ठगों के कहने पर महिला ने अपनी एक एफडी तुड़वाकर 1.20 लाख रुपये और दूसरी एफडी तुड़वाकर 2.95 लाख रुपये भी एनईएफटी के जरिए बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। हर भुगतान के बाद आरोपियों ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से फर्जी रसीदें व्हाट्सऐप पर भेजीं, जिससे महिला को शक नहीं हुआ।
बाद में गीता बनर्जी नाम की महिला ने फोन कर फॉर्म अपलोड करने के नाम पर और पैसे मांगे। अंतिम भुगतान के बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और उनके मोबाइल नंबर भी बंद हो गए। तब महिला को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ।
इसके बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि विशाल शर्मा और गीता बनर्जी नाम का इस्तेमाल कर अज्ञात साइबर ठगों ने फर्जी पहचान के जरिए कुल 4.99 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। समा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
