अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पिछले साल लाल किला इलाके में हुए भीषण कार बम धमाके की जांच में एक अहम कदम आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी आईएनए ने सोमवार को मामले की फरेंसिक रिपोर्ट दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल कर दी। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। कोर्ट सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट स्पेशल जज पीतांबर दत्त की अदालत में पेश की गई है। अदालत अब रिपोर्ट का परीक्षण करेगी और उसके बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर आदेश जारी करेगी। इस बीच कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ा दी।
आईएनए 14 मई को 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है
आईएनए पहले ही 14 मई को करीब 7,500 पन्नों की डिटेल चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एजेंसी का दावा है कि 10 नवंबर को हुए आईईडी विस्फोट की साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी। इसके बाद पिछले महीने तीन और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई, जिनमें एक फरार पीडियाट्रिशियन भी शामिल है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह कथित आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य है और कार बम साजिश में उसकी अहम भूमिका रही।
जांच में क्या सामने आया?
आईएनए का दावा है कि जांच के दौरान यह सामने आया कि धमाके की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने विस्फोटक तैयार करने के लिए अलग-अलग जगहों से रसायन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जुटाया था। जांच में कई डिजिटल डिवाइस, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। आईएनए का कहना है कि इन्हीं वैज्ञानिक और तकनीकी सबूतों के आधार पर 7,500 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई और अदालत में पेश की गई है।
