July 23, 2026
Encraochment in VP Block Pitampura Delhi

चार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नही, विभाग एक-दूसरे पर डाल रहा जिम्मेदारी

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कुछ दबंगों ने आने-जाने का रास्ता बंद कर गलियो और सीवर लाइन को भी घरों के अंदर ले लिया हैं यहीं तक नहीं दबंगों ने एक कमरे वाले जनता फ्लैट को तीन से चार कमरों का फ्लैट बना लिया है।

आपको बता दे कि फ्लैटों की हालत बहुत जर्जर है और स्थानीय निवासी अतिक्रमण से बहुत परेशान हैं, उनका कहना है कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

स्थानीय लोग सुरक्षा की चिंता जताते हुए इसकी शिकायत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व सम्बंधित विभाग एमसीडी को काफी लम्बे समय से करते आ रहे हैं मगर एमसीडी के अधिकारी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि ये काम हमारे विभाग का नहीं है। इस मामले में स्थानीय जूनियर इंजीनियर (जेई) रवि चौहान ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर एग्जीक्यूटिव इंजिनियर सुनील जैन को भेज दी है।

कुछ समय बाद जब एग्जीक्यूटिव इंजिनियर सुनील जैन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आवश्यक पत्राचार के बाद संबंधित फाइल बिल्डिंग विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है क्योंकि उनके अनुसार मामला उसी विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, बिल्डिंग विभाग के इंजिनियर ललित कुमार का कहना है कि यह मामला उनके विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि मेंटेंनेंस (रख-रखाव) विभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि शिकायत पर कार्रवाई की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है?

अब सवाल ये उठता है अगर ये कार्रवाई मेंटिनेंस/रखरखाव विभाग के अंदर आती है तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन ने इस शिकायत को बिल्डिंग विभाग को क्यों भेजा ?

इस सम्बन्ध में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय द्वारा भी ईमेल के माध्यम से चार बार सम्बंधित विभाग यानि एमसीडी के अधिकारियों और दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद को ईमेल के जरिये सूचित किया जा चुका है मगर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मामले में कार्रवाई का अधिकार किस विभाग के पास है? सभी अधिकारी अपना-अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। विभागों के अलग-अलग दावों के कारण शिकायत लंबित है।

बिल्डिंग विभाग के इंजीनियर ललित कुमार के मुताबिक तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील जैन इस कार्रवाई को गलत दिशा में लेकर जाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि ये कार्रवाई बिल्डिंग विभाग की नहीं है ये कार्रवाई मेंटिनेंस/ रखरखाव विभाग की है, ये कहना है इंजीनियर ललित कुमार का। अगर ऐसा है तो यह एक सोचनीय प्रश्न है कि जिस विभाग का ये मामला है ही नहीं उस विभाग को यह मामला क्यों भेजा गया?


स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

सवाल:

  • सवालों के घेरे में एमसीडी की कार्य-प्रणाली
  • जेई ने रिपोर्ट एग्जिक्यूटिव इंजिनियर को भेजी। एग्जिक्यूटिव इंजिनियर ने मामला बिल्डिंग विभाग को भेजा। बिल्डिंग विभाग ने कहा, यह मामला मेंटेनेंस विभाग का है।
  • विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने से कार्रवाई लंबित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *