अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली पीतमपुरा के वीपी ब्लॉक में अतिक्रमण की सभी हदें पार हो गयी है क्योंकि अतिक्रमण चरम सीमा तक पहुँच गया है। असामाजिक तत्वों व दबंगों ने गलियां बंद करके सीवर लाइन को भी घरों के अंदर ले लिया है, आने-जाने के लिए सभी रास्ते बंद होने के कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है, अगर किसी दिन कोई हादसा हुआ तो फायर ब्रिगेड की गाडी, एम्बुलेंस आदि भी गलियों में प्रवेश नहीं कर सकती। धरातल वाले फ्लैटों की हालत बहुत ही जर्जर है फिर भी उसके ऊपर 5 से 6 मंजिल तक अतिक्रमण कर लिया गया है वीपी ब्लॉक में अभी भी कई जगह अतिक्रमण चल रहा है ये अतिक्रमण एमसीडी विभाग की परमिशन के बिना नहीं हो सकता। इससे ये साबित होता है कि एमसीडी विभाग की मिली भगत से ही अतिक्रमण किया जा रहा है, एमसीडी के अधिकारी नहीं चाहता कि अतिक्रमण हटाया जाए या रोका जाये, इसीलिए एमसीडी के अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दिए गए अतिक्रमण को हटाने के आदेशों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। मगर शासन व प्रशासन सोया हुआ है लगता है शासन व प्रशासन विवेक विहार, मालवीय नगर, साकेत, उत्तम नगर व अमर कॉलोनी जैसी हृदयविदारक घटनाओं के इंतजार में है।
मुख्य समस्याएं :
- वीपी ब्लॉक पीतमपुरा में अतिक्रमण की सभी हदें पार, एमसीडी कर रहा है बड़े हादसे का इंतज़ार।
- एमसीडी अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों की कर रहे हैं अनदेखी।
- मुख्यमंत्री कार्यालय से 10 बार दिया जा चुका है निर्देश।
- गलियों बंद करके घरों के अंदर लिया।
- सीवर लाइन को भी लिया घरों के अन्दर।
- बिल्डिंग विभाग के पूर्व जेई ललित कुमार व वर्तमान में पद पर आसीन जेई राहुल जायसवाल का भी ये ही कहना है कि यह कार्य हमारे अधीन नही आता, यह मेंटिनेंस विभाग के अधीन आता है।
- अगर ये कार्य मेंटिनेंस विभाग अधीन आता है तो एक्जेक्यूटिव इंजीनीर सुनील जैन ने फाइल को बिल्डिंग विभाग में क्यों भेजा ?
- इस कार्यवाही को क्या समझा जाए जानकारी का आभाव या सोची समझी साजिश ?
- इसमें तो मुख्यमंत्री कार्यालय भी संलिप्त नजर आता है क्योंकि मुख्यमंत्री कार्यालय से 10 बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी कार्यवाही क्यों नहीं हो रही?
स्थानीय निवासियों को आने-जाने में बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी को अगर घर के पीछे वाली गली में ही जाना हो तो पूरे ब्लॉक का चक्कर काट कर जाना पड़ता है।
एमसीडी के क्षेत्रीय जेई रवि चौहान द्वारा वीपी ब्लॉक के अतिक्रमण के बारे में पत्र के माध्यम से केशवपुरम कार्यालय में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट एक्जीक्यूटिव इंजीनीर सुनील जैन के पास पहुंच चुकी है, जैन साहब ने भी मुद्दे को संवेदनशील समझते हुए फाइल पर त्वरित कार्यवाही की और डीसी व एसई के हस्ताक्षर करवाकर सम्बंधित विभाग यानि बिल्डिंग डिपार्टमेंट को भेज दी।
कुछ समय बिताने के बाद शिकायतकर्ता ने बिल्डिंग डिपार्टमेंट में संपर्क किया तो जेई ललित कुमार ने कहा कि ये कार्य हमारी क्षेत्र में नहीं आता ये मेंटेनेंस विभाग में आता है, हम इस में कोई कार्यवाही नहीं कर सकते और इस कारण जेई साहब ने इस केस को रोक दिया।
शिकायत कर्ता ने फिर जेई सुनील जैन से संपर्क किया तो जैन साहब ने कहा कि ये बिल्डिंग डिपार्टमेंट का ही काम है ये कार्य उनके ही अधिकार क्षेत्र में आता है, इसीलिए हमने इस फाइल को वहां भेजा है। हमारे पास जैसे ही कोई सूचना आती है तो हम आपको बता देंगे।
कुछ समय बाद जब शिकायतकर्ता ने जानकारी लेने की कोशिश की तो पता चला कि जेई ललित कुमार का तबादला हो गया है और उनकी जगह पर जेई राहुल जयसवाल आये हैं, शिकायतकर्ता ने उनसे संपर्क किया तो उनका भी ये ही कहना है कि ये कार्य हमारे अधीन नहीं आता ये काम मेंटेनेंस विभाग का है।
अब हम दिल्ली सरकार व सम्बंधित विभाग से पूछना चाहते हैं कि ये कार्य किस विभाग के अधीन आता है ? इसका जवाब दिया जाए और भ्रमित कर रहे अधिकारीयों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की ताकि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझे।
गौरतलब है कि इस अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से भी 10 बार से भी ज्यादा बार सम्बंधित विभाग और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, एमसीडी कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर व अन्य अधिकारीयों को ईमेल के जरिये निर्देश दिया जा चुका है मगर सम्बंधित विभाग अँधा, बहरा, गंगा बना हुआ बैठा है।
शिकायतकर्ता द्वारा इस विषय की जानकारी संयुक्त रूप से दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही, एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार व डिप्टी कमिश्नर केशवपुरम जोन को ईमेल व पत्र के माध्यम से दे चुकी है मगर अभी तक कोई भी कार्यवाही नही हुई है।
