June 5, 2026
BES

अजय शास्त्री (संपादक व प्रकाशक)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026, जो पावर और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर के लिए एक ग्लोबल कॉन्फ्रेंस-कम-एग्ज़िबिशन है, 19-22 मार्च 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में होगा। इस बारे में आज नई दिल्ली में केंद्रीय पावर और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मिनिस्टर श्री मनोहर लाल ने ऑफिशियल अनाउंसमेंट की। मिनिस्टर ने समिट के लिए ब्रोशर और टीज़र फिल्म भी लॉन्च की।

चार दिवसीय शिखर सम्मेलन का विषय “विकास को विद्युत शक्ति देना, स्थिरता को सशक्त बनाना, वैश्विक स्तर पर जुड़ाव” है। यह सम्मेलन वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भारत के नेतृत्व को प्रदर्शित करेगा और साथ ही विद्युत क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करेगा। इस शिखर सम्मेलन में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और नागरिक समाज से जुड़े देशी-विदेशी हितधारक एक साथ आएंगे। वे बिजली और सतत ऊर्जा प्रणालियों के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे, विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देंगे तथा वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

इस कार्यक्रम में 50 से अधिक उच्चस्तरीय सम्मेलन सत्र, विशेषज्ञों द्वारा संचालित पैनल चर्चाएं, विषयगत पवेलियन और तकनीकी प्रदर्शनी शामिल होंगी, जो बिजली और स्वच्छ ऊर्जा के पूरे वैल्यू चेन को प्रदर्शित करेंगी। इस आयोजन में 500 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, 25,000 से ज्यादा प्रतिभागियों का स्वागत किया जाएगा तथा भारत और दुनिया भर से 1,000 से अधिक प्रतिनिधि और 300 वक्ता शामिल होंगे।

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 वैश्विक नीति निर्माताओं, सीईओ, सरकारी नेताओं, बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों, निवेशकों, नियामकों, नवाचारकर्ताओं, आपूर्तिकर्ताओं और समाधान प्रदाताओं को एक मंच पर लाने का कार्य करेगा। हितधारकों के संवाद और नेटवर्किंग के माध्यम से यह समिट बिजली वैल्यू चेन के हर चरण—उत्पादन, पारेषण, वितरण, भंडारण और स्मार्ट उपभोग—से जुड़े विषयों पर प्रगति को प्रभावित करने वाली चर्चाओं को संभव बनाएगा।

समिट की एक प्रमुख विशेषता ‘बायर–सेलर मीट’ होगी, जिसका उद्देश्य वैश्विक बिजली आपूर्ति श्रृंखला में साझेदारियों को तेज करना और नए व्यावसायिक अवसरों को खोलना है। इस प्रकार, यह समिट सीमापार सहयोग को बढ़ावा देने और स्वच्छ बिजली के तेजी से विस्तार के लिए निवेश को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

यह आयोजन बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को अपनी तकनीकों, प्रणालियों और समाधानों को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। इनमें बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण, ऊर्जा भंडारण एवं बैटरी तकनीक, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा परिवर्तन, स्टार्टअप्स तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े निर्माता, आपूर्तिकर्ता, ठेकेदार, नवाचारकर्ता और समाधान प्रदाता शामिल होंगे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 बिजली प्रणालियों के भविष्य को आकार देने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि “हम ऊर्जा प्रचुरता के युग में प्रवेश कर रहे हैं। एक समय था जब हमारी चर्चाएं कमी को पूरा करने और बुनियादी जरूरतों पर केंद्रित थीं। आज हम अधिशेष के प्रबंधन, मजबूती सुनिश्चित करने और सभी के लिए उत्कृष्ट सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 केवल अब तक की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह उन लक्ष्यों के लिए एक लॉन्चपैड होगा जिन्हें हम सभी मिलकर हासिल करेंगे। एक ही मंच पर तकनीक प्रदाता, अवसंरचना डेवलपर, नवाचारकर्ता और निर्णयकर्ता एकत्र होकर आगे की दिशा तय करेंगे। यह समिट ऐसा अनूठा वातावरण प्रदान करता है, जहां स्थानीय क्षमताएं वैश्विक दृष्टिकोण से जुड़कर एक सतत और मजबूत बिजली भविष्य का निर्माण करेंगी।

मंत्री ने भारत के बिजली विजन को आगे बढ़ाने और समिट की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत के लिए विद्युत मंत्रालय, उसकी सीपीएसई इकाइयों, अन्य सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उद्योग संगठनों के सामूहिक प्रयासों की सराहना भी की।

इस कार्यक्रम में विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल सहित विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कोयला मंत्रालय तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न देशों के दूतावासों के अधिकारी, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के रेजिडेंट कमिश्नर तथा CII, FICCI और ASSOCHAM के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। GENCOS, TRANSCOS और DISCOMS के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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