June 14, 2026
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पिछड़े वर्ग एवं जनजाति की महिलाओं के निजी स्वास्थ्य के लिए एक नई “दस्तक”

मात्र 2 रुपए का एक सेनेट्री नेप्किन, रेल में भी नेपकिन्स की उपलब्धता

जनजाति के लिए विशेष जागरुकता अभियान, वृद्ध लोगों में बांटे जाएंगे छाते

बीसीआर न्यूज़ (शिवानी जलोटा/नई दिल्ली): श्री महंत मठाधीश रमन गिरी जी महाराज जूना अखाड़ा एवं श्रीमती रचना बाजपेई अध्यक्ष उत्क्रिष्ट उत्थान सेवा मंडल देश के पिछड़े समाज, जनजाति और महिलाओं के लिए एक विशेष घर्म सभा का आयोजन कर रहे हैं। इस घर्म सभा का उद्देशय मानव धर्म को बढ़ावा देना है और समाज के उस वर्ग के हितों की पूर्ति करना है, जिसे अक्सर नज़अंदाज़ कर दिया जाता है। 7 दिनों तक चलते वाले इस जागरुकता अभियान में देश के विभिन्न हिस्सों में बसी जनजाति के उत्थान की नीतियों और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के निजी स्वास्थ्य संबंधित नितियों पर मंथन किया गया। इस अभियान की शुरूआत भीषण गर्मी से परेशान जनजाति के लोगों को छाते बांट कर की जाएगी। इसके अलावा पिछड़े वर्ग एवं जनजाति की महिलाओं के निजी स्वास्थ्य और मासिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सेनेट्री नैपकिन्स का वितरण किया जाएगा।

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धर्म सभा के मंच के ज़रिए महिलाओं और जनजाति के हितों पर अकसर चर्चा होती है। इस चर्चा से घर्म सभा इस नतीजों पर पहुंची है कि आज जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए निजी स्वास्थ्य और मासिक ज़रूरतों को पूरा करना बड़ी चुनौती बन गया है। इसी लक्षय को पूरा करने के लिए श्रीमती रचना बाजपेई ने घर्म सभा के माध्यम से देशभर मे ज़रूरतमंद महिलाओं तक सस्ते सेनेट्री नैपकिन्स पहुंने की मुहिम को दस्तक दी है, इस दस्तक को महिलाओं की आज़ादी की ओर ले जाने का लक्षय तैयार किया गया है। लिहाज़ा इन सेनेट्री नैप्किन्स को “दस्तक” नाम दिया गया है। वहीं इस मुहिम की अगुवाई रेलवे विमेन वेलफेयर सेंट्रल ऑर्गेनाइज़ेशन के बैनर तले की जा रही है। खास है कि जहां बाज़ार में सेनेट्री नैप्किन्स की औसतन कीमत 5-9 रूपए होती है वहीं रेलवे विमेन फेलफेयर सेंट्रल ऑर्गेनाइज़ेशन ज़रूरत मंद महिलाओं तक मात्र 2 रुपए में सेनेट्री नेपकिन्स उपलब्ध करा रही हैं। इतना ही नहीं रेल में सफर करने वाली महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन्स और रेल में भी सस्ते सेनेट्री नैपकिन्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अभियान से रेल में लंबा सफर करने वाली महिलाओं को निजी सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है। फिलहाल सभी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन्स एवं रेलगाड़ियो में सस्ते सेनेट्री नैप्किन्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं इस मुहिम को देश के कोने कोने तक पहुंचाने की भरपूर कोशिश की जा रही है।
जनजाति की महिलाओं के लिए सेनेट्री नैप्किन्स किसी दिव्य स्पन जैसा है, अफसोस की बात है कि मासिक घर्म के दौरान जनताजि की महिलाएं गंदे कपड़ों, मट्टी के लेप एवं पत्तों जैसी हानिकारक वस्तुओं का इस्तेमाल करती हैं। इस समस्या के हल हेतु श्रीमती रचना बाजपेई ने जनजाति की महिलाओं के लिए विशेष मुहिम जारी की है, जिसके अंतर्गत इन माहिलाओं में निजी स्वास्य़ से संबंधित जागरुकता और निशुल्क सेनेट्री नेप्किन्स वितरित किए जा रहे हैं।

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