June 14, 2026
लगातार बढ़ रही है  ''उम्मीद नयी सुबह की'' लोकप्रियता

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डी डी नेशनल पर लगातार दर्शको को पसंद रहा है साहित्यिक कृति पर बना लोकप्रिय डेली शो “उम्मीद नई सुबह की“

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बीसीआर न्यूज़ (राजू बोहरा/नई दिल्ली): दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल डीडी नेशनल पर दोपहर में कई लोकप्रिय डेली शो चल रहे है जिनमे से एक है महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित धारावाहिक “उम्मीद नई सुबह की“ जिसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 1:30 बजे हो रहा है जो दूरदर्शन के दर्शको में खासा पॉपुलर भी है। इस लोकप्रिय डेली धारावाहिक ने कम समय के प्रसारण में ही ना सिर्फ अच्छी लोकप्रियता हासिल कर ली है बल्कि इस चर्चित शो की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और दर्शक खूब पसंद भी कर रहे है।

धारावाहिक “उम्मीद नई सुबह की“ एक महिला प्रधान सोशल व सामाजिक धारावाहिक है जो साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत चर्चित उपन्यास पर आधारित है। इस चर्चित व प्रतिष्ठित उपन्यास की लेखिका कुंदनिका कपाडि़या है जिसका हिन्दी अनुवाद नन्दिनी मेहता ने किया है। दूरदर्शन के लिए इस दिलचस्प डेली शो का निर्माण “क्रिएशन्स“ के बैनर तले किया जा रहा है जिसके निर्माता नीपा सत्येन है जबकि इस धारावाहिक से बतौर क्रिएटीव डायरेक्टर के रूप में जुडी है जानीमानी निर्मात्री व निर्देशिका सुशीला भाटिया है जो पिछले करीब तीस वर्षो से दूरदर्शन के लिए काम कर रही है।

फिल्म एव टेलीविजन के चर्चित कलाकारों से सजे दूरदर्शन के इस डेली धारावाहिक की कहानी कहानी वसुधा नामक एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जो महिला अधिकारों लिए लड़ती है। दूरदर्शन पर प्रसारित हो रहे अपने इस धारावाहिक को लेकर इसकी निर्मात्री खासी उत्साहित है। एक खास बातचीत में उन्होंने बताया की हमारे इस शो ने छः महीने यानी 130 कडि़यों का शानदार प्रसारण लिया है और साथ ही अपना अच्छा दर्शक वर्ग भी जुटा लिया है इसी लिए दूरदर्शन ने हमारे इस शो की आगे की और एक सौ तीस कडि़यों का एक्सटेशन दे दिया है। गौरतलब यह है की लेखक की अनुमति से इस साहित्यक कृति की आगे की कहानी में दर्शको को कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिलेंगे। गौरतलब है की गुजरती मूल के इस उपन्यास की सबसे बड़ी विशेषता यह है की ये उपन्यास एक दो नहीं बल्कि 7-8 अलग-अलग भाषाओ में अनुवादित हुआ और सभी भाषाओ में इसे साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।

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