अजय शास्त्री (संपादक)
दिल्ली सरकार ने हीट एक्शन प्लान 2026 लागू करने की तैयारी की है, जिसके तहत अस्पतालों में ‘कूल रूम’ और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उच्चस्तरीय बैठक में लू से बचाव के लिए स्कूलों में ‘वाटर बेल’ और श्रमिकों के लिए कार्य समय में बदलाव के निर्देश दिए।
HighLights
- सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, ओआरएस की व्यवस्था।
- अस्पतालों में ‘कूल रूम’, एम्बुलेंस में उपचार सुविधाएं।
- स्कूलों में ‘वाटर बेल’, श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव।
बीसीआर न्यूज़, नई दिल्ली: देर आए, दुरुस्त आए की तर्ज पर चलते हुए दिल्ली सरकार ने शहर हीट एक्शन प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत अस्पतालों, स्कूलों, निर्माण स्थलों, अटल कैंटीनों, पुलिस थानों, डाक घर और बस स्टैंडों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सभी प्रमुख स्थानों पर ओआरएस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टैंकर, वाटर कूलर और वाटर एटीएम की सुविधाएं भी संचालित होंगी। साथ ही, पशु-पक्षियों के लिए भी छाया और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
लू से जुड़े मामलों के लिए हों पर्याप्त बेड
सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में लू से जुड़े मामलों के लिए पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सभी एम्बुलेंस में लू से उपचार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
साथ ही, पूरे शहर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग बचाव के उपायों के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने सभी स्कूलों में ‘वाटर बेल’ सिस्टम शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके और डिहाइड्रेशन से बचाव हो।
दिल्ली सरकार द्वारा लागू किया गया हीट एक्शन प्लान 2026 दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के माध्यम से विभिन्न विभागों और 17 से अधिक नालेज पार्टनरों (एनजीओ) के तकनीकी सहयोग और समन्वय से प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में अभूतपूर्व तापमान दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि पिछले 2-3 वर्षों में लगभग 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है।
इसी परिप्रेक्ष्य में पूर्व चेतावनी और तैयारी के तहत मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा रंग-कोडित चेतावनी प्रणाली ग्रीन, येलो, आरेंज और रेड लागू की गई है। इसके माध्यम से दैनिक आधार पर तापमान की निगरानी की जा रही है और रियल-टाइम अलर्ट सभी विभागों और आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों के अंतर्गत पूरे दिल्ली में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र ओआरएस, आइस पैक आदि से सुसज्जित किए गए हैं। 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष ‘कूल रूम’ स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा 174 चिकित्सा अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को लू से संबंधित बीमारियों के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 330 एम्बुलेंस को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखा गया है।
ORS ओआरएस पैकेट्स का वितरण
दिल्ली पुलिस द्वारा 11,000 से अधिक एयर कूलर और 1,900 से अधिक वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा ओआरएस पैकेट्स का व्यापक वितरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्माण एवं अन्य बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि उनके कार्य समय में आवश्यक बदलाव किया जाए, विशेषकर दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में कार्य से बचाव सुनिश्चित किया जाए।
श्रमिकों के लिए कार्यस्थलों पर छाया, विश्राम, पीने के पानी और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
