अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्लीः ई-20 (E20) पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र सरकार के बीच विवाद और तेज हो गया है। बुधवार यानी आज को AAP ने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक ‘BJP पेट्रोल पंप’ की रसीद शेयर की। पार्टी का आरोप है कि लोगों से पेट्रोल की पूरी कीमत ली जा रही है, लेकिन उन्हें 20 प्रतिशत एथनॉल मिला ई-20 पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे माइलेज कम हो सकता है और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है।
इससे एक दिन पहले AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी ई-20 पेट्रोल पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वाहन कंपनियां लिखित में भरोसा दें कि ई-20 से न तो गाड़ी का माइलेज घटेगा और न ही इंजन को नुकसान होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से पेट्रोल पंपों पर E20, E10 और बिना एथनॉल वाले E0 पेट्रोल का विकल्प देने की मांग की।
क्या लिखा था ‘BJP पेट्रोल पंप’ की रसीद में?
AAP की शेयर की गई रसीद में लिखा था कि ई-20 पेट्रोल में 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल है।
इसमें “फुल पेट्रोल का दाम, लेकिन कम वैल्यू” और “माइलेज पर असर” जैसे दावे भी किए गए।
केजरीवाल ने क्या मांग की?
उन्होंने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प से लिखित गारंटी मांगी।
उनका कहना है कि अगर ई-20 से माइलेज घटे या इंजन खराब हो तो कंपनियां ग्राहकों को मुआवजा दें।
सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार का कहना है कि ई-20 कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल का आयात कम करना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण घटाना है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंजन खराब होने के दावों को गलत बताया और कहा कि ठीक से सर्विस की गई गाड़ियों में ऐसी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।
मामला क्यों अहम है?
ई-20 पेट्रोल अब देशभर में लागू किया जा चुका है।
इस बीच ई-20 की जानकारी पेट्रोल पंपों और रसीदों पर साफ-साफ लिखने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
