अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्लीः राजधानी में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत पूरी दिल्ली में एक करोड़ से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म बांटे जा चुके हैं। इन्हें भरकर लोगों को लौटाना है। इनमें एसेंबली नंबर, पार्ट नंबर आदि भरना है। इनके साथ कोई डॉक्युमेंट नहीं देना है। लेकिन, लोग आरोप लगा रहे हैं कि उनके यहां पहुंचने वाले बूथ लेवल ऑफिसर लोगों से फॉर्म भरकर उसके साथ डॉक्यूमेंट देने को भी कह रहे हैं। इससे लोगों में गलतफहमी फैल रही है।
दरअसल जो एन्युमरेशन फॉर्म लोगों को दिया जा रहा है, उसमें पीछे 10 डॉक्यूमेंट्स का जिक्र है। कई बीएलओ जानकारी के अभाव में लोगों से यह डॉक्यूमेंट फॉर्म भरकर जमा करने को कह रहे हैं। शाहदरा की बाबरपुर विधानसभा में ऐसा ही मामला देखने को आया। यहां फॉर्म देने आई बीएलओ ने कुछ लोगों को फॉर्म के साथ पीछे लिखे डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी देने को कहा।
लोगें ने फॉर्म के पीछे लिखी जानकारी के बारे में जब बीएलओ से पूछा तो वह बोलीं कि यह सरकार द्वारा मांगे जा रहे हैं। हालांकि चुनाव पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सिर्फ फॉर्म भरकर देना है। 2002 की मतदाता सूची में आपका नाम है तो ठीक है अन्यथा अपने मां-पिता या दादा-दादी के नाम से मिलान करके देना है। उसके साथ कोई भी डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब हो कि जो दस्तावेज फॉर्म के पीछे लिखे हैं उन दस्तावेजों की जरुरत 5 अगस्त को पड़ेगी।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि एसआइआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट रोल जारी किया जाएगा। जिन लोगों के नाम इसमें नहीं होंगे, वे दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के समय फॉर्म में दिए गए 10 डॉक्यूमेंट में से कोई एक दिखाकर अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वा सकेंगे। लेकिन, फिलहाल फॉर्म के साथ किसी भी तरह का डॉक्यूमेंट नहीं देना है। बीएलओ को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए और ट्रेनिंग के दौरान उन्हें यह बताया गया है।
