August 27, 2026
Wazirabad Murder case

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हत्याओं का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है हर रोज अनेकों हत्याएं दिल्ली में देखने को मिल रही है ऐसा ही एक और मामला पुलिस के संज्ञान में आया है।

पुलिस जांच के मुताबिक तीनों आरोपी चंदन को बहाने से एक ऑटो में बैठाकर ले गए और रास्ते में उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के इरादे से शव को यमुना खादर के पास फेंक दिया।

उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में यमुना खादर के पास मिले एक अज्ञात शव की गुत्थी आखिरकार डेढ़ महीने बाद सुलझ गई. पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने 34 वर्षीय चंदन सैनी की बेरहमी से हत्या की और पहचान मिटाने की नीयत से शव को यमुना खादर में फेंक दिया. मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और लगातार ठिकाने बदलने के कारण आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

टैटू बना पहचान की सबसे बड़ी कड़ी

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बांठिया के मुताबिक कि वजीराबाद थाना क्षेत्र में यमुना खादर के पास एक व्यक्ति का शव मिला था. शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिससे साफ था कि उसकी हत्या की गई है. शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी. पुलिस ने शव पर बने टैटू और अन्य पहचान चिह्नों की तस्वीरें अलग अलग तरीको से जारी कीं. आखिरकार इन्हीं टैटू के जरिए शव की पहचान तिमारपुर निवासी 34 वर्षीय चंदन सैनी के रूप में हुई.

आरोपियों ने पुरानी रंजिश के लिए ली जान

पहचान होने के बाद पुलिस ने चंदन के पिछले विवादों की पड़ताल शुरू की. जांच में सामने आया कि उसका तरुण नाम के युवक से काफी समय से विवाद चल रहा था. कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था. इसी रंजिश का बदला लेने के लिए तरुण ने अपने साथी सनी और मिराज के साथ मिलकर चंदन की हत्या की साजिश रची.

ऑटो में बैठाकर किया कत्ल, फिर शव फेंककर हुए फरार

पुलिस जांच के मुताबिक, तीनों आरोपी चंदन को बहाने से एक ऑटो में बैठाकर ले गए. रास्ते में उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के इरादे से शव को यमुना खादर के पास फेंक दिया. इसके बाद तीनों अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके.

मोबाइल नहीं इस्तेमाल किया, इसलिए बढ़ी पुलिस की मुश्किल

इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे. ऐसे में तकनीकी सबूत बेहद कम मिले. इसके बावजूद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मुखबिर तंत्र और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर जांच जारी रखी. आरोपियों की तलाश में दिल्ली के अलावा मुंबई, अमृतसर, जम्मू, पंजाब और उत्तराखंड तक लगातार दबिश दी गई, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली.

ऑटो चालकों के बीच फोटो बांटी, ऐसे हाथ लगे आरोपी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी सनी ऑटो चलाता है. इसके बाद पुलिस ने स्थानीय ऑटो चालकों के बीच तीनों आरोपियों की तस्वीरें साझा कर सूचना देने की अपील की. इसी दौरान एक अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर सबसे पहले मिराज को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी तरुण और सनी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए. फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *