August 15, 2026
Ramdev on BCR NEWS

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों, शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है. बाबा रामदेव ने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो देश में फिर बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है.

बाबा रामदेव ने कहा कि देश में कई जगहों पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे तक शिकायत कर रहे हैं कि कहीं शिक्षक नहीं हैं, कहीं पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है. उन्होंने दावा किया कि कई जगह किताबें हैं तो शिक्षक नहीं हैं और कहीं शिक्षक हैं तो संसाधनों की कमी है.

सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाले होते हैं और कई बार अपने लोगों को फायदा पहुंचाया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर पहले से चयन तय कर लिया जाता है और पैसे लेकर भर्तियां की जाती हैं. बाबा रामदेव ने इसे लोकतंत्र और व्यवस्था के लिए अपमानजनक बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है.

शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर उठाए सवाल

योग गुरु ने कहा कि देश में नकल और पेपर लीक जैसी समस्याएं भी चिंता का विषय हैं. उन्होंने कहा कि कई बार 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बाद छात्रों को पता चलता है कि नंबरों में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा, शिक्षक और मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए. शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तभी देश आगे बढ़ेगा.

राजनीति में नफरत नहीं, संवाद की जरूरत

बाबा रामदेव ने राजनीतिक माहौल पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी जिम्मेदारी होती है. सत्ता पक्ष को विपक्ष की बात सुननी चाहिए और विपक्ष को भी सत्ता का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए. देश का संविधान, संस्कृति और सभ्यता आपसी सम्मान का संदेश देते हैं.

जाति और धर्म के नाम पर विभाजन से बचने की अपील

बाबा रामदेव ने कहा कि देश में जाति, वर्ग और समुदाय के नाम पर नफरत नहीं फैलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत के सामने बाहरी चुनौतियां भी हैं, इसलिए देश के लोगों को आपसी एकता बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ खुराफाती लोग हर समुदाय में हो सकते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ संविधान के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए. बाबा रामदेव ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक सद्भाव जरूरी है.

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