अजय शास्त्री (संपादक)
यूपी में योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चा चल रही है। इसको लेकर कई प्रकार की चर्चा चल रही है। नए मंत्री बनने को लेकर 6 नाम सामने आ रहे हैं, यूपी चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी योगी सरकार।
बीसीआर न्यूज़/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति किसी न किसी मुद्दे को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहती है और अब तो 2027 में चुनाव आ रहे हैं जिसको लेकर योगी सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती है, जी हाँ, इसलिए उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट के विस्तार की चर्चा चल रही है। दावा किया जा रहा है कि रविवार 10 मई को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में 6 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। उनके नाम भी सामने आ रहे हैं। यूपी सरकार में अभी 6 मंत्रियों की जगह खाली है। योगी सरकार में अभी 54 मंत्री काम कर रहे हैं। विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़कर 60 हो सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भारतीय जनता पार्टी यूपी चुनाव 2027 की तैयारी को अंतिम रूप देती दिख सकती है। इसको लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। अब सीएम योगी आदित्यनाथ के स्तर पर इसको अंतिम रूप दिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सीएम योगी आज शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सकते हैं। इसमें मंत्रिमंडल विस्तार के लिए उनसे समय की मांग की जाएगी।
प्रदेश में छह सीटें खाली
आपको बता दें, यूपी में 6 मंत्रियों की जगह खाली है। कैबिनेट विस्तार में उन इलाकों को कवर करने की कोशिश होगी, जिनको साधकर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को तैयार कर सकता है। इसमें अखिलेश यादव से नाराज विधायकों को भी जगह मिल सकती है। पहले से कैबिनेट में फेरबदल की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, अब किसी भी मंत्री को हटाए जाने की संभावनाओं से इनकार किया जा रहा है। विभागों में बदलाव के आसार कम नजर आ रहे हैं।
इन नामों की है चर्चा:
भूपेंद्र चौधरी: भूपेंद्र चौधरी को योगी सरकार से निकाल कर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जाट के एक बड़े चेहरे के तौर पर वे जाने जाते हैं। पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद एक बार फिर उनकी योगी कैबिनेट में वापसी तय मानी जा रही है।
कृष्णा पासवान: कृष्णा पासवान फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। उनके तेवर हमेशा चर्चा में रहे हैं। पिछले दिनों खागा विधानसभा क्षेत्र में घटिया सड़क निर्माण की सूचना पर वे खुद फावड़ा लेकर सड़क पर उतरीं और कुछ ही समय में सड़क खोद दिया था। वे 2002 से 2007 तक भी विधायक रह चुकी हैं। पार्टी के दलित चेहरे के तौर पर वे इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
पूजा पाल: पूजा पाल कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्हें समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के आरोप में निलंबित कर दिया था। अब वे योगी कैबिनेट में शामिल हो सकती हैं। इलाहाबाद पश्चिम से पूर्व बसपा विधायक राजू पाल की वर्ष 2005 में हत्या के बाद पूजा पाल राजनीति में आईं। 2007 से 2017 तक वे विधायक रहीं। बसपा, सपा के बाद उन्होंने भाजपा की तरफ रुख किया है। वे प्रयागराज-कौशांबी इलाके में पार्टी का ओबीसी चेहरा बनती दिख सकती हैं।
मनोज पांडेय: मनोज पांडेय रायबरेली के ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्हें भी समाजवादी पार्टी से निलंबित किया गया है। भाजपा के पक्ष में बयानों के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित मनोज पांडेय ब्राह्मण वोट बैंक में अच्छी-खासी पकड़ रखते हैं। हाल के समय में ब्राह्मणों की नाराजगी के मुद्दे को मनोज पांडेय के जरिए भाजपा साधने की कोशिश करती दिख सकती है।
अशोक कटारिया: अशोक कटारिया यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं। वे 2022 तक योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। एबीवीपी से राजनीतिक करियर शुरू करने वाले अशोक कटारिया यूपी भाजपा के महासचिव तक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। युवा वर्ग के प्रतिनिधित्व के तौर पर उनके नाम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोमी साहनी: पलिया विधानसभा सीट से हैट्रिक लगाने वाले हरविंदर कुमार साहनी उर्फ रोमी साहनी का नाम भी मंत्री बनने की लिस्ट में शामिल होने की बात कही जा रही है। थारू समाज को भाजपा के पाले में जोड़े रखने के लिए रोमी साहनी के प्रयासों को अहम माना जाता है। लखीमपुर खीरी जिले से आने वाले रोमी साहनी के जरिए पार्टी इलाके में इस समाज को यूपी चुनाव 2027 के दौरान जोड़ने की कोशिश करती दिख सकती है।
मुलाकात को लेकर चर्चा
सीएम योगी ने शनिवार की सुबह कोलकाता में नवगठित भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। वहां वे कई सीनियर नेताओं से बात करते दिखे। इससे पहले भी दिल्ली में प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई है। इसके बाद अब माना जा रहा है कि शनिवार की शाम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार का समय निर्धारित हो जाएगा। रविवार को सीएम योगी के कैबिनेट का विस्तार संभव माना जा रहा है।
