June 5, 2026
Bengali

अजय शास्त्री (सम्पादक)

दिल्ली में दो अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए व्यक्तियों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे।

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस और विदेशी प्रकोष्ठ की टीम ने दो अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्तियों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे और देह व्यापार जैसे अपराधों में संलिप्त थे।

पुलिस पिछले कई दिनों से व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान खुफिया जानकारी मिली कि एन.एस. मंडी, आजादपुर क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति देह व्यापार गिरोह का हिस्सा बनने के लिए आने वाले हैं।

खुद को बताया भारतीय नागरिक

13 अप्रैल 2026 की सुबह पुलिस टीम ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर एन.एस. मंडी इलाके में छापेमारी की। संदिग्धों की पुष्टि के लिए पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़ों में एक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम के सदस्यों ने संदिग्धों के पास जाकर अवैध गतिविधियों के लिए धन की पेशकश की। जैसे ही संदिग्धों ने सहमति दी, पुलिस टीम ने पूर्व निर्धारित संकेत मिलते ही घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।

शुरुआत में पकड़े गए व्यक्तियों ने खुद को भारतीय नागरिक बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन उनके विरोधाभासी जवाबों और संदिग्ध व्यवहार के कारण पुलिस ने गहन जांच की। विस्तृत दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनके पास से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र बरामद हुए, जिससे उनकी असली पहचान उजागर हो गई। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए थे और यहां देह व्यापार गिरोह से जुड़कर अवैध गतिविधियों में शामिल थे।

पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान

  • मोसा उर्फ मोसेसरिया मोनिद (महिला): उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम जयपुर, जिला नाराइल, खुलना, बांग्लादेश।
  • एमडी नूर आलम (पुरुष): उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम नॉर्थ अशरतपुर, जिला रंगपुर, बांग्लादेश।

पुलिस ने कानून के प्रावधानों के तहत आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को FRRO के समक्ष पेश किया। स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के निर्वासन की कार्रवाई शुरू की गई और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया गया है।

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