अजय शास्त्री (संपादक व प्रकाशक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: यह मामला दिल्ली के पीतमपुरा के एफयू ब्लॉक स्थित सर्वोदय विद्यालय का है जहाँ पर आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. करमवीर सिंह द्वारा अखबार को विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया है स्कूल में सभी बच्चों को अखबार लेना जरुरी है और प्रत्येक विद्यार्थी को 200 रूपये आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. करमवीर सिंह को देना जरुरी है अन्यथा विद्यार्थी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया जायेगा, यह सन्देश क्लास टीचर द्वारा व्हाट्सप्प ग्रुप के माध्यम से सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को भेजा गया है। इस सन्देश को देखकर सभी अभिभावक परेशान हैं क्योंकि जिन अभिभावकों के 3 या 4 बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं तो उनको 600 और 800 रूपये जमा करने पड़ रहे हैं इनमे काफी अभिभावक पैसे जमा करने में सक्षम नहीं हैं मगर मजबूरन आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. करमवीर सिंह को देने पड़ रहे हैं। आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. करमवीर सिंह इस धनराशि की कोई रिसीविंग रशीद या लिखित में कुछ भी नहीं दे रहें हैं।

सभी अभिभावकों का कहना है कि हम गरीब लोग हैं इसीलिए सरकारी स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं अगर हमारे पास फीस देने के लिए पैसे होते तो हम प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाते, अगर आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. करमवीर सिंह द्वारा हमारे बच्चों को अख़बार देकर ही पढाई करवानी है तो फिर हमें अपना बच्चा स्कूल भेजने की क्या जरुरत है हम घर में ही अख़बार लगवा लेते हैं और अपने बच्चे को घर में ही पढ़ा लेते हैं सीबीएससी और एनसीआरटी की किताबें लेकर हम क्या करेंगे ?
सभी अभिभावक दिल्ली सरकार और शिक्षा विभाग से सादर अनुरोध करते हैं कि इस विषय को संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि इस भ्रष्टाचार को रोका जा सके और सीबीएससी और एनसीआरटी के पाठ्यक्रम के माध्यम से ही स्कूल में छात्र अपना भविष्य बनाकर आगे बढ़ें।
आपको बता दें कि इस गंभीर मामले की जानकारी अभिभावक अजय शास्त्री, अभिभावक दिलीप सिंह, अभिभावक संतोष कुमार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी व सम्बंधित विभाग यानि शिक्षा विभाग को दे दी है।
