अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और भी मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. आगामी 7 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बसों को हरी झंडी देकर दिल्ली की सड़कों पर उतारेंगे. इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं और बसों की खेप भी दिल्ली पहुंच चुकी है. संबंधित डिपो में इन बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. हरी झंडी मिलने के बाद इन बसों को विभिन्न रूटों पर उतार दिया जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों को बेहतर व सुविधाजनक परिवहन सेवा मिल सकेगी.
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, वहां बसों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी. 7 जुलाई को दिल्ली के आरके पुरम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 300 बसों को हरी झंडी देकर रवाना करेंगे. इन बसों में ज्यादातर 9 मीटर की बसें हैं. इन बसों के आने से यात्रियों का इंतजार कम होगा और भीड़भाड़ वाले समय में सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम बन सकेगा. नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांग यात्रियों को भी बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा. बता दें कि दिल्ली सरकार लगातार सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दे रही है. इसी रणनीति के तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है जिससे सीएनजी बसों पर निर्भरता खत्म की जा सके. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है. इसके साथ ही इनका संचालन पारंपरिक ईंधन आधारित बसों की तुलना में अधिक किफायती भी माना जाता है.
9 मीटर की होंगी बसें
वर्तमान में राजधानी दिल्ली की सड़कों पर 6,100 से अधिक ई-बसें संचालित हो रही हैं. अब 300 नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने से बसों की कुल संख्या और बढ़ जाएगी. ज्यादातर बसें 9 मीटर की होंगी. इससे शहर के विभिन्न इलाकों के बीच लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे.
वर्ष 2029 तक 14000 बसें चलाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री डॉ पंकज सिंह का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को इतना सशक्त बनाना है कि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय बसों का उपयोग करें. इससे एक ओर सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा तो दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी. इस साल के अंत तक दिल्ली में 7500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. वर्ष 2029 तक दिल्ली में 14000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई बसों को चरणबद्ध तरीके से शामिल कर विभिन्न डिपो से संचालित किया जाएगा. इनके शुरू होने के बाद राजधानी में बस सेवा की गुणवत्ता व पहुंच दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.
