September 12, 2026
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उत्तर कोरिया के विश्व विख्यात तानाशाह शासक सनकी किम जोंग उन ने अपने देश में पहले कोरोना संक्रमित मरीज के मिलते ही की पुरेदेश में आपातकाल की घौषणा,जानने के लिये पढें पुरी खबर.

26 जुलाई 2020
विनुविनीत त्यागी
(बीसीआर न्यूज़)

बीसीआर न्यूज़: जहाँ विश्वभर में वैश्विक महामारी कोविट-19 कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है। वही इसी बीच उत्तर कोरिया में भी कोरोना का पहला मामला सामने आया है। पुरे देश में कोरोना का ऐसा पहला केस है जो सामने आते ही उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने आपातकाल घोषित कर दिया है। ‘रायटर्स’ ने भी स्थानीय मीडिया का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने गलत रूप से सिमा पार करने के बाद दक्षिण कोरिया से लौटे एक कोविड संदिग्ध की जानकारी सामने आने के बाद आपातकालीन पोलित ब्यूरो की बैठक बुलाई और फिर आपातकाल की घोषणा भी कर दी थी।

एक रिपोर्ट के हिसाब से इस मामले की पुष्टि की गई है तो ये उत्तर कोरियाई अधिकारियो की तरफ से आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया जाने वाले कोरोना वायरस का पहला मामला होगा। उत्तर कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने ये बतया है कि एक इंसान जो तीन साल पहले दक्षिण कोरिया गया था, वो इसी महीने सिमा पार से लौट आया है और उसी में कोरोना वायरस के ऐसे लक्षण पाए गए है। भले ही KCNA ने ये नहीं बताया हो कि क्या उस इंसान का कोरोना टेस्ट किया जा चूका है, लेकिन ये बोला है कि उस इंसान को साँस लेने में दिक्क्त हुई है और उनका रक्त स्त्राव भी हुआ है, भले ही उन्होंने अभी ये बताया हो कि उसका मेडिकल चेक-अप किया गया है फ़िलहाल वो देखरेख में है।

उत्तर कोरिया के कयुगहि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने ये बताया हो कि ये घोषणा करना काफी महत्वपूर्ण है, न केवल इसलिए कि उत्तर कोरिया पहली बार एक संदिग्ध कोरोना वायरस मामले के बारे में बता रहा है बल्कि इससे एक प्रकार की मदद की अपील हो रही है उत्तर कोरिया ने शुरुआत में ही अपने देश की सभी सीमाओं को सील कर दिया था और उसने विदेशी पर्यटकों के आनेजाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। अप्रैल-मई के महीने में हज़ारो लोगो को शक के आधार पर क्वारंटीन किया गया था। एक तथ्य ये भी है कि अपने परमा-णु कार्यक्रम को लेकर अंतराष्ट्रीय प्रतिबंध की वजह से उत्तर कोरिया भरी आर्थिक दबाव में है और इसी को लेकर कोरोना का मामला सामने आने के बाद आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
फ़िलहाल हाल ही में कोरोना संकट के बिच भारत ने उत्तर कोरिया को मदद पहुंचाई है। भारत ने उत्तर कोरिया को टीबी की दवाई के रूप में दस लाख डॉलर की मेडिकल मदद भेजने का फैसला किया है। भारत ने ये सहायता विश्व संगठन के अनुरोध के बाद की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय ने ये बताया है कि भारत, उत्तर कोरिया में मेडिकल की सामग्री में कमी और वहा के हालत के प्रति संवेदनशील है और उसने टीबी की दवा के रूप में दस लाख डॉलर की मानवीय सहायता प्रदान करने का फैसला किया है।।

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