अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली।। अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सरकारी निर्माण परियोजनाओं से जुड़े रिश्वत रैकेट के मामले में दिल्ली के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के एक असिस्टेंट इंजीनियर (AE), एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि और कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ़्तार किया है।
गिरफ़्तार किए गए लोगों की पहचान रूप सिंह मीणा (PWD में असिस्टेंट इंजीनियर), संजय कौरा (रोहिणी स्थित M/s कौरा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि) और विक्रम कुमार (कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी) के तौर पर हुई है।
CBI के अनुसार, यह मामला सोमवार, 27 जुलाई को तीन आरोपियों के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया था। आरोप था कि PWD अधिकारी अपने पद का गलत इस्तेमाल करके रोहिणी, दिल्ली स्थित M/s कौरा कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े एक सरकारी ठेकेदार को अनुचित सरकारी फ़ायदा पहुँचा रहे थे।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि असिस्टेंट इंजीनियर ने ठेकेदार से गैर-कानूनी तौर पर पैसे लेकर PWD द्वारा दिए गए अलग-अलग निर्माण कार्यों से जुड़े फ़ायदे पहुँचाए। आरोप है कि एक आपराधिक साज़िश के तहत, प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी समेत कई ज़रियों से नियमित रूप से रिश्वत दी जाती थी।
एजेंसी ने बताया कि 27 जुलाई को कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि ने अपने एक कर्मचारी को निर्देश दिया कि वह दिल्ली के पीतमपुरा में असिस्टेंट इंजीनियर के घर पर 21 लाख रुपये नकद पहुँचाए।
पुख्ता जानकारी मिलने पर, CBI ने आरोपी PWD अधिकारी के घर पर छापा मारा और कथित तौर पर कंपनी के कर्मचारी द्वारा पहुँचाए गए पूरे 21 लाख रुपये बरामद किए।
बाद में की गई तलाशी के दौरान, जांचकर्ताओं ने असिस्टेंट इंजीनियर के घर से 15.50 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए।
M/s कौरा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि के घर पर तलाशी के दौरान 46.75 लाख रुपये नकद और ऐसे दस्तावेज़ बरामद हुए जिन्हें एजेंसी ने अहम सबूत बताया है।
CBI ने कहा कि नकद राशि बरामद होने और ठोस सबूत इकट्ठा करने के बाद ये गिरफ़्तारियां की गईं।
कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क के दायरे का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
