रिपोर्ट: अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से अब सियासी हलचल शुरू हो गयी है सभी पार्टी के नेताओं ने जंतर-मंतर पर आगमन शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार कॉकरोच जनता पार्टी की बात सुन ले, सोनम वांगचुक की बात सुन ले, नहीं तो ये सरकार भी नहीं बचेगी.
जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की. केजरीवाल ने कहा कि वो सोनम वांगचुक को सलाम करते हैं जो देश के बच्चों के लिए अनशन कर रहे हैं. हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई, उनको गिरफ्तार किया, उन्हें भी सलाम है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “4 अप्रैल 2011 के दिन यहां अन्ना हजारे बैठे थे. 2011 में तब की सरकार (कांग्रेस नेतृत्व वाली) बहुत अहंकार में थी. तीन साल बाद उनकी सरकार नहीं बची. आज 2026 है, अगर सरकार ने बात नहीं सुनी तो 2029 में इनकी भी सरकार नहीं बचेगी. धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए.”
उन्होंने कहा, ”मैं इस सरकार को कहता हूं कि कॉकरोच जनता पार्टी की बात सुन लो, सोनम वांगचुक की बात सुन लो, नहीं तो ये सरकार भी नहीं बचेगी. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए.”
अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, ”नीट का पेपर लीक हुआ, उन्होंने क्या किया? 2024 पेपर लीक का जो मास्टर माइंड था उसको बेल कर दी. देश का युवा कब तक बर्दाश्त करेगा? नीट के पेपर के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या कर ली लेकिन इनके ऊपर जूं नहीं रेंगी. इन्होंने उनके खिलाफ एफआईआर तक नहीं की, गिरफ्तार तो दूर की बात है.”
अगले साल फिर पेपर लीक होगा और अगले साल बच्चे फिर आत्महत्या करेंगे. इस सिस्टम को बदलना पड़ेगा. लद्दाख और देश के लिए उन्होंने पहले भी कई अनशन किए. मैं सब लोगों से, देश के कोने कोने से लोगों से अपील करना चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में 20 तारीख को यहां पहुंचें.”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ” मैंने भी आईआईटी का पेपर दिया था लेकिन उन दिनों में पेपर लीक नहीं होते थे. मेरे दोनों बच्चों आईआईटी से हैं, मेरे बच्चों के टाइम पर भी पेपर लीक नहीं होते थे लेकिन आज जिस तरह से कुछ सालों से पेपर लीक हो रहे हैं, बच्चों का कॉन्फिडेंस लड़खड़ाने लगा है. ये देश के लिए बहुत खतरनाक बात है. हर साल पेपर लीक हो रहे हैं. पेपर लीक होते हैं, कमेटी बनती है, एफआईआर होती है, गिरफ्तारी होती है, बेल मिल जाती है और फिर अगले साल पेपर लीक की तैयारी शुरू हो जाती है.”
