रिपोर्ट: अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से अनशन पर हैं. उनका वजन गुरुवार (16 जुलाई) को 9 किलो से अधिक कम हो गया है. इस बीच कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भूख हड़ताल सोच समझकर करना चाहिए, खासकर जब मोदी सरकार संवेदनशील नहीं है. उन्होंने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की भी अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि ये जो मांगे उठा रहे हैं उसका मैं समर्थन करता हूं, लेकिन कांग्रेस पहले से इन मांगों को उठा रही है.
संदीप दीक्षित ने कहा, ”मेरा सोनम वांगचुक और वहां खड़े लोगों से सवाल है कि आज आपने अपनी सोच और समझ से शिक्षा व्यवस्था पर या उसके किसी अंश को लेकर आंदोलन खड़ा करने की कोशिश की. उन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है. आपका कहना है कि जो शिक्षा व्यवस्था है और जिस तरह से सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं कर रही है, जनहित को देखकर नहीं काम कर रही है, लेकिन ये सिद्धांत, या ये मूल्य जो हैं आपने सिर्फ इस विषय पर इस्तेमाल क्यों किया है? क्योंकि ये आपको सूट करते हैं या आपकी राजनीति को सूट करते हैं, किसको करते हैं?”
उन्होंने ये भी सवाल उठाया, ”जम्मू कश्मीर से जब 370 हटाया जाता है और जिसे पूर्ण राज्य का अधिकार मिला हुआ था, उसे घटाकर केंद्रशासित प्रदेश बना दिया जाता है, तब तो आप इस सरकार के साथ खड़े रहे थे. वहां अगर लोकतंत्र को कमजोर किया जाता है तो उन मूल्यों पर आपने तो कभी टिप्पणी नहीं की. इस देश में सांप्रदायिकता ले लीजिए, लोगों के विरोध की बात ले लीजिए, यहां हजारों लोग गायब हो गए हैं. धर्म के कारण लोगों को सड़कों पर मारा गया है. सरकार के विरोध में खड़े होने वाले लोगों पर ईडी-सीबीआई लग जाती है. उन विषयों पर आपकी कभी टिप्पणी सुनी नहीं.”
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आगे कहा, ”मुझे नहीं लगता है कि ये किसी मूल्य को लेकर वहां पर बैठे हुए हैं. मैं विरोध नहीं कर रहा हूं, आप बैठिए. ये ठीक है शायद आपको कोई राजनीतिक अवसर दिख रही है या नहीं दिख रही है, जो भी है, करें आप. ये जो मांगे उठा रहे हैं उसका मैं समर्थन करता हूं. बल्कि कांग्रेस पहले से इन मांगों को उठा रही है. इंडिया अगेंस्ट करप्शन भी एक मॉब था, ये भी एक मॉब है. शिक्षा के प्रति अगर सही में आपको लगता है कि कुछ है तो देश को जागरूक करने के लिए उतरिए. इसमें और इंडिया अगेंस्ट करप्शन में कोई फर्क हो तो बताएं? मैं आलोचना नहीं कर रहा हूं, मैं अपनी बात रख रहा हूं.”
संदीप दीक्षित ने ये भी कहा कि इनका मुद्दा समर्थन योग्य है लेकिन कांग्रेस ने ये मुद्दा बहुत पहले से उठा रखा है. उन्होंने कहा, ”यही मुद्दा कोई और उठाता है तो फिर आप समर्थन में क्यों नहीं खड़े होते हैं. उसमें आपको पार्टी क्यों दिखने लगती है या कोई राजनेता क्यों दिखने लगता है? इनको अपनी भूख हड़ताल वापस ले लेना चाहिए लेकिन अगर सही ये लोकतंत्र के योद्धा हैं, प्रगतिशील विचारों के योद्धा हैं. तो यही विचार, यही मूल्य दूसरे विषयों पर भी दिखाने चाहिए.”
