July 8, 2026
Arvind Kejriwal

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्लीः केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं… हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 के लिए नहीं बनी हैं. सरकार की ज़बरदस्ती के कारण ये सभी गाड़ियाँ कबाड़ बन जाएँगी. आप जनता को ऑप्शन तो दीजिए. देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E10, E20 और E0 सब उपलब्ध होना चाहिए. फैसला जनता का होना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी में कौन सा पेट्रोल डालना चाहते हैं, न कि सरकार का.आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वह देश की तीन प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर यह मांग करेंगे कि वे लिखित रूप में आश्वासन दें कि ई-20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता और न ही माइलेज में कमी आती है.

केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर लोगों के ‘व्यापक विरोध’ से उन्हें अवगत कराएंगे और आग्रह करेंगे कि इस ईंधन के उपयोग को वैकल्पिक बनाया जाए.

केजरीवाल ने ऑटोमोबाइल कंपनियों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन कंपनियों के सार्वजनिक बयान उनके वाहनों की ‘ओनर मैनुअल’ (उपयोगकर्ता पुस्तिका) में दी गई जानकारी से मेल नहीं खाते.

उन्होंने कहा, ‘मैं इन सभी कंपनियों को पत्र लिखूंगा. मैं उनसे कहूंगा कि आपके ‘ओनर मैनुअल’ में कुछ बात लिखी है, लेकिन आप सार्वजनिक रूप से कुछ और कह रहे हैं. आप लिखित में यह आश्वासन दें कि यदि आपके वाहन का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक कम हो जाता है, तो क्या आप ग्राहक को इसकी भरपाई करेंगे?’

सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि…

केजरीवाल ने कहा, ‘यदि ई-20 एथेनॉल के उपयोग से वाहन को नुकसान होता है या उसके कलपुर्जे खराब होते हैं तो क्या उन पुर्जों को बदलने का खर्च भी आप वहन करेंगे?’

केजरीवाल ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि भारत एथेनॉल मिश्रित ईंधन अपनाने वाला पहला देश नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘यह आधा सच है. जिन देशों का उदाहरण दिया जा रहा है, वहां आमतौर पर एथेनॉल मिश्रण की मात्रा ई-10 से कम है. सामान्य वाहन ई-10 तक के मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन उससे अधिक नहीं.’

केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं… हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 के लिए नहीं बनी हैं. सरकार की ज़बरदस्ती के कारण ये सभी गाड़ियाँ कबाड़ बन जाएँगी. आप जनता को ऑप्शन तो दीजिए. देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E10, E20 और E0 सब उपलब्ध होना चाहिए. ये फैसला सरकार का नहीं, ये फैसला जनता का होना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी में कौन सा पेट्रोल डालना चाहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *