अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार व संपादक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को टिकाऊ और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में डीडीए की एडवाइजरी काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संघू ने की।
डीडीए अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में आने वाले मास्टर प्लान और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर प्रोग्रेस का रिव्यू किया गया। मीटिंग में DDA के चेयरमैन ने राजधानी की बदलती शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित समाधानों पर जोर दिया ।
दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर मीटिंग की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज माननीय सांसद तेजवीर विधूड़ी और सुधांशु त्रिवेदी की मौजूदगी में ऑफिसियल डीडीए की एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें नेशनल कैपिटल में सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के रोडमैप का रिव्यू किया गया।
एलजी संधू ने पोस्ट में आगे लिखा कि हमने दिल्ली के आने वाले मास्टर प्लान, सिविक और इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क को मजबूत करने और शहर के लिए प्लान्ड, इनक्लूसिव और फ्यूचर-रेडी ग्रोथ सुनिश्चित करने पर बड़े पैमाने पर चर्चा की।
उन्होंने आगे लिखा कि डीडीए को को निर्देश दिया कि वे जमीन के टुकड़ों और बिल्डिंग्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी कब्जों और बिना इजाजत कंस्ट्रक्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस बनाए रखें, ताकि तुरंत पता लगाया जा सके और तेज़ी से एनफोर्समेंट किया जा सके।
उन्होंने आगे लिखा कि राजधानी दिल्ली की बदलती अर्बन चुनौतियों से निपटने के लिए एक कोलेबोरेटिव, ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन अप्रोच ही सबसे जरूरी है। एक साथ ही सस्टेनेबल, रेजिलिएंट और रहने लायक विकसित दिल्ली बनाने के अपने कमिटमेंट को फिर से कन्फर्म किया।
