June 5, 2026
Rekha gupta with LG Delhi on bcr news

अजय शास्त्री (संपादक व प्रकाशक)

बीसीआर न्यूज़, नई दिल्ली: दिल्ली में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है. इस मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि योजना को रिवाइव किया जाए. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होंगे. दिल्ली की जनता की गुहार लगाएंगे. सरकार की तैयारी प्रदूषण को लेकर वह भी बताएंगे.” दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई से 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध (End of Life या EOL) लगाने का फैसला किया था. 1 जुलाई से इन वाहनों को पेट्रोल देने पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके वजह से लोगों ने फैसले का विरोध किया.

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली के हक की लड़ाई लड़ेंगे जो पूरे देश में पैरामीटर है. वही दिल्ली में लागू हो सरकार अपना काम करें और प्रशासन अपना काम करें, परंतु दिल्ली के लोगों को कष्ट ना हो यही हमारा ध्येय हैं. इस आदेश को रिवाइव करने के लिए सभी एजेंसी जो इसमें निर्णय दिया उनके समक्ष प्रस्तुत होंगे दिल्ली की जनता को सुकून देने के लिए हर संभव काम करेंगे.”

पर्यावरण मंत्री ने प्रतिबंध को बताया मुश्किल

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि तकनीकी चुनौतियों और जटिल सिस्टम इस तरह के ईंधन प्रतिबंध को लागू करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि खराब रखरखाव वाले वाहनों को जब्त करने के सिस्टम पर काम किया जा रहा है, बजाय इसके कि अपनी कारों और मोटरसाइकिलों की देखभाल करने वाले लोगों को इसकी सजा भगुतना पड़े.

62 लाख से ज्यादा वाहनों पर असर

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) का यह आदेश 1 जुलाई से लागू हुआ था. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना था, जहां लोग सर्दियों में जहरीली धुंध और सालभर खराब हवा की गुणवत्ता से जूझते हैं. इस आदेश का असर 62 लाख से ज्यादा वाहनों पर पड़ा, जिनमें कारें, दो-पहिया वाहन, ट्रक और पुराने विंटेज वाहन शामिल हैं. यह आदेश इस आधार पर दिया गया था कि वाहन दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण स्रोतों में से एक हैं.

पेट्रोल पंपों पर लगाए गए थे कैमरे

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 50% से ज्यादा प्रदूषण वाहनों से होता है. एंड ऑफ लाइफ वाहनों (ELVs) की पहचान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 498 पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरों से की जानी थी. ये कैमरे एक केंद्रीय डाटाबेस से जुड़े हैं, जो नंबर प्लेट को चेक कर वाहन का ELV स्टेटस बताता है और फ्यूल ऑपरेटर को अलर्ट करता है.

अभी दिल्ली तैयार नहीं

इधर, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भी इस फैसले को लेकर दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल दिल्ली इस तरह के प्रतिबंध के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने इस आदेश पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है. उपराज्यपाल ने दिल्ली में अभी ऐसी सुविधाएं नहीं हैं जिससे लाखों गाड़ियों को हटाना या स्क्रैप करना संभव हो सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *