June 5, 2026
Naga Baba

बीसीआर न्यूज़/महाराष्ट्र/दिल्ली: आपको अवगत करा दें कि, कभी महाराष्ट्र में ही हिंदुत्व आगाज कर हिन्दूधर्म का परचम लहराने वाले हिन्दू ह्रदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे के जमाने मे हिंदुधर्म की तरफ कोई आंख उठाने की भी जल्दी से महाराष्ट्र में हिम्मत नहीं करता था, और अब उनके ही सुपुत्र की खिचड़ी सरकार में जिहादियों द्वारा साधुओं पर महाराष्ट्र में ही हो रहे आएदिन जान लेवा हमले।

आपको याद होगा कि अभी बीते वर्षो महाराष्ट्र के ही पाल घर मे उन्मादी जिहादी भीड़ ने साधुओं पर पुलिस की ही मौजूदगी में हमला कर मौत के घाट उठा दिया था,और अब महाराष्ट्र के ही रामटेकरी में एक और नांगा साधु पर आधी रात में कुछ उन्मादियों ने धार-दार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया,घायल साधु किसी तरह अपनी जान बचाकर जंगल की तरफ भागा गए,जहां उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए गए जंगल भूखे प्यासे तीन दिन काटे।

महाराष्ट्र का राम टेकरी बन रहा एक और पालघर? MVA सरकार में सुरक्षित नहीं हैं हिंदू संत? एक और नागा साधू पर हमला
बता दें कि रामटेकरी एक ऐसा पवित्र स्थान है जहां वनवास के दौरान मारीच का पीछा करते हुए प्रभु श्री राम इस स्थान पर रुके थे इसलिए इसे राम टेकरी कहा जाता है. यहां पर प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर है।

क्या महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में हिंदू संत सुरक्षित नहीं हैं? क्या महाराष्ट्र के संभाजीनगर का रामटेकरी दूसरा पालघर बन रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि रामटेकरी में एक नागा साधू पर उग्र भीड़ ने पालघर के ही अंदाज में क्रूरतम तरीके से हमला किया है. ये घटना महाराष्ट्र के संभाजी नगर के जाभंली गांव की है जहाँ राम टेकरी पर पिछले 3 वर्षों से एक नागा साधु गौशाला मैं गायों की सेवा करते हुए भगवान के मंदिर की पूजा करते हैं.

हमारे स्थानीय संवाददात ने बताया है कि पिछले 1 वर्ष में नागा साधु के ऊपर तीन बार जानलेवा हमला हुआ है. एक बार हमले में साधू गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे, जिसके चलते 5 महीने हॉस्पिटल में भर्ती रहे. पिछले महीने 23 जून को नागा साधु पर हमले की साजिश हुई थी और मीडिया ने नागा साधु से बातचीत करते हुए खबर दिखाई थी. अब एक बार फिर 2 जुलाई की आधी रात में 15 से 20 गुंडे मुंह पर कपड़ा बांधकर राम टेकरी पहुंचे और नागा साधु गणेश गिरी महाराज को जान से मारने की कोशिश की.

इस दौरान नागा साधु गणेश गिरी महाराज अपनी जान बचाकर आधी रात में राम टेकरी से भाग निकले. लगातार तीन दिन तक राम टेकरी से गायब नागा साधु की खबर न मिलने पर भक्तों को परेशान कर दिया कि आखिर बाबा गए कहां? इसके बाद राम टेकरी के सभी भक्तों ने मीडिया से संपर्क किया और यह जानकारी दी. आखिरकार 5 जुलाई की दोपहर में कुछ भक्तों को पता चला कि नागा साधु महाराज एक घने जंगल के बीच एक पुराने छोटे से शिव मंदिर के पास बैठे हुए हैं, जहां ना तो कोई खाने पीने की व्यवस्था है ना ही बारिश से बचाव की.

ये जानकारी जब मीडिया को दी गई तो मीडिया टीम नागा साधू के पास पहुंची. इसके बाद जानकारी मिलने पर पुलिस भी पहुँच गई. नागा साधु गणेश गिरी महाराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पता नहीं क्यों गुंडे बार-बार मुझ पर हमला करते हैं. अब मुझे रामटेकरी नहीं जाना है क्योंकि महा विकास आघाडी सरकार साधु संतों की रक्षा नहीं कर सकती है. वहीं राम टेकरी पर गौशाला में गायों की सेवा करने वाला कोई नहीं है जिसके चलते पुलिस ने भी नागा साधु को समझाने की कोशिश की कि बाबा आप रामटेकरी नहीं जाएंगे तो इन गायों का क्या होगा?

बता दें कि रामटेकरी एक ऐसा पवित्र स्थान है जहां वनवास के दौरान मारीच का पीछा करते हुए प्रभु श्री राम इस स्थान पर रुके थे इसलिए इसे राम टेकरी कहा जाता है. यहां पर प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर है।।

विनुविनीत त्यागी
(बी.सी.आर न्यूज़)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *