June 13, 2026
China01

विनुविनीत त्यागी
बीसीआर न्यूज़

आपको अवगत करा दें कि, चीन और भारत का पहले से ही विवाद चल रहा है और अब 29 व 30 अगस्‍त की रात को एक बार फिर से पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच झड़प हुई है। वहीं सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, बातचीत को दरकिनार करते हुए चीनी सैनिकों ने मूवमेंट आगे बढ़ाया। चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर मूवमेंट किया, जब भारतीय सैनिकों ने इसका विरोध किया तो दोनों तरफ से झड़प हुई।
दुनियाभर में कोरोना फैलाने वाला चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन और भारत का पहले से ही विवाद चल रहा है और अब 29-30 अगस्‍त की रात को एक बार फिर पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच झड़प हुई है।
सरकार सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बातचीत को दरकिनार करते हुए चीनी सैनिकों ने मूवमेंट आगे बढ़ाया। चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर मूवमेंट किया, जब भारतीय सैनिकों ने इसका विरोध किया तो दोनों तरफ से झड़प हुई।
ये भी पढ़ें- एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा में आतंकियों के भर्ती मामले में एक भारतीय डॉक्टर को गिरफ्तार किया
PIB के मुताबिक, भारतीय सेना ने चीन को वहीं रोक दिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। इस घटना के बाद से भारतीय सेना ने इस इलाके में जवानों की तैनाती को बढ़ा दिया है। इस मामले में चुशूल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की फ्लैग मीटिंग हो रही है। अभी तक किसी भारतीय जवान के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।
बता दें कि चीन ने ये हरकत पहली बार नहीं की है। इससे पहले 15 जून 2020 को भी चीन ने गलवान घाटी में हिंसक झड़प की थी। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। हालांकि चीन ने अपने मारे गए सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया था।
वहीं ताजा मामले पर सरकार ने बयान जारी कर कहा, ‘चीनी सैनिकों ने 29-30 अगस्‍त की रात में, पहले से की गई सहमति का उल्‍लंघन किया और बॉर्डर पर स्थिति को बदलने की कोशिश की। चीनी सेना हथियारों के साथ पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर आगे बढ़ी, इसके बाद भारतीय सेना ने उन्हें रोका और वहां से खदेड़ दिया। भारत ने इस जगह पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। भारतीय सेना बातचीत के जरिए शांति स्‍थापित करना चाहती है लेकिन सेना अपने देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।चुशूल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की फ्लैग मीटिंग हो रही है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *