अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिवाली से एक दिन पहले ही हवा दमघोंटू हो गई। सुबह से ही स्मॉग की मोटी परत छाई रही। धनतेरस पर प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में शाम को जमकर आतिशबाजी हुई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से पटाखे जलाने के लिए निर्धारित समय के दौरान तो शांति रही, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद ही कई जगहों पर पटाखे फोड़े जाने लगे। करीब शाम 5 बजे से ही पटाखों की आवाज सुनाई देने लगी। हवा की रफ्तार भी काफी कम रही।
कल कितना रहा दिल्ली का AQI
इस बार दिवाली से एक दिन पहले पिछले 10 सालों की सबसे प्रदूषित और 11 सालों की दूसरी सबसे प्रदूषित स्थिति रही। पूर्वानुमान के अनुसार, 8 और 9 नवंबर को प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच सकता है। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 369 दर्ज किया गया।
अगले तीन दिन गिर सकता है तापमान
दिन के तापमान में अब धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री तक पहुंच सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.9 डिग्री ज्यादा है। शुक्रवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
दिवाली पर पटाखों के नियम और उल्लंघन पर कार्रवाई
- केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति है। हर पैकेट पर उत्पाद और बैच से संबंधित वैध QR कोड होना अनिवार्य है।
- 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति है।
- अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम, शिक्षण संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध है।
- बेरियम युक्त पटाखे, गैर-प्रमाणित पारंपरिक पटाखे और लड़ियां (गारलैंड) प्रतिबंधित हैं।
- नियम तोड़ने पर यह कार्रवाई होगी
- प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए जा सकते हैं।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओ और निर्माताओ के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा सकती है।
- दुकानदारो के लाइसेस रद्द किए जा सकते हैं।
- पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 9 नवंबर से पटाखे जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो गया है।
