अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: खबर वीपी ब्लॉक पीतमपुरा से है, क्योंकि फ़िलहाल वीपी ब्लॉक में RWA का कार्यकाल समाप्त हो गया है और SDM के निर्देशों के अनुसार चुनाव होना तय हुए है। पुरानी RWA फ़िलहाल अपनी तानाशाही दिखाकर फिर से ब्लॉक पर कब्ज़ा करना चाहती है और ब्लॉक का सत्यानाश करना चाहती है। इसी तानाशाही के चलते आज पुरानी RWA के इशारे पर चुनाव अधिकारी प्रेम अग्रवाल द्वारा विपक्ष में खड़े सभी प्रत्याशियों यानि पुनीता रानी की टीम के प्रत्याशियों के नॉमिनेशन फॉर्म को रद्द कर दिया गया है जिसका सबूत प्रत्याशियों के पास नोटिस के रूप में उपलब्ध है। चुनाव अधिकारी ने इस बात को खुद कुबूला है कि पुरानी RWA के कहने पर ही ये सब किया गया है।
ब्लॉकवासी नाराज़ हैं
सभी ब्लॉकवासियों का कहना है कि जब पुरानी RWA ने ब्लॉक में कुछ किया ही नहीं तो दूसरी टीम को मौका दिया जाना चाहिए, लेकिन पुरानी RWA खुद की हार के डर से विपक्ष यानि पुनीता रानी की टीम पर आरोप लगाकर विपक्ष के सभी नॉमिनेशन फॉर्म रिजेक्ट क्यों करवाए ? अगर पुरानी RWA सही हैं तो आप डर क्यों रहे हो ? लड़ने दीजिये विपक्ष को ?
चुनाव अधिकारी द्वारा नॉमिनेशन रद्द करने का पहला कारण

चुनाव अधिकारी प्रेम अग्रवाल ने नॉमिनेशन रद्द करने का पहला कारण बताया कि फॉर्म निर्धारित समय 2 बजे के बाद दिए गए हैं, इस कारण विपक्ष यानि पुनीता रानी की टीम के सभी नॉमिनेशन फॉर्म रद्द किये जाते हैं, मगर चुनाव अधिकारी ने यह भी बताया कि यह सब पुरानी RWA के जनरल सेक्रेटरी अनूप कुमार के कहने पर किया गया है। इस पर विपक्ष का कहना है कि हम 2 बजे से पहले से ही चुनाव अधिकारी को ढूंढ रहे थे मगर चुनाव अधिकारी न तो ऑफिस पर मिले और न ही अपने घर, काफी देर तक ढूंढने के बाद चुनाव अधिकारी अपने WP स्थित पर्सनल ऑफिस पर मिले, जहाँ पर चुनाव अधिकारी ने हमारे नॉमिनेशन फॉर्म स्वीकार किये गए।

नॉमिनेशन फॉर्म स्वीकार क्यों किये और क्यों रद्द किये ?
पुनीता रानी की टीम का कहना है कि आपके द्वारा निर्धारित समय के बाद हमारे नॉमिनेशन फॉर्म स्वीकार क्यों किये गए ? और स्वीकार किये हैं तो रद्द क्यों किये गए ? सभी प्रत्याशियों को इस बात का जवाब चाहिए।
चुनाव अधिकारी कौन है ? प्रेम अग्रवाल या अनूप कुमार ?
नॉमिनेशन फॉर्म स्वीकार करने के बाद अगले दिन चुनाव अधिकारी प्रेम अग्रवाल द्वारा स्क्रूटनी की गई जिसमे सभी नॉमिनेशन फॉर्म को रद्द कर दिया गया, मगर जब कारण पूछा गया तो चुनाव अधिकारी का कहना है कि अनूप कुमार के कहने पर सभी नॉमिनेशन देरी से आने पर रद्द किये जाते हैं क्योंकि “नॉमिनेशन फॉर्म देर से आये हैं”
अब सभी प्रत्याशियों का सवाल है कि आखिरकार चुनाव अधिकारी कौन है ? प्रेम अग्रवाल या अनूप कुमार ?
कुछ नामों की वापसी करके स्वीकार क्यों किया गया ?
प्रत्याशियों के पूछे जाने और दबाव बनाने पर चुनाव अधिकारी द्वारा बताया गया कि मैंने पुरानी RWA से बातचीत की जिसमे यह सहमति बनी कि “कोई बात नही देर से सही मगर फॉर्म तो आये” इसलिए इनको स्वीकार कर लेते है।
अजय शास्त्री के नॉमिनेशन को फिर से दूसरा आरोप लगाकर रद्द क्यों किया ?
अजय शास्त्री के नॉमिनेशन को एक और कारण बताते हुए फिर से नॉमिनेशन फॉर्म को रद्द कर दिया गया, जिस पर पुरानी RWA ने ये आरोप लगाते हुए रद्द कर दिया कि अजय शास्त्री ने RWA की कभी भी पर्ची नहीं कटाई।
इस बात पर आपत्ति जताते हुए अजय शास्त्री का कहना है कि मैंने पर्ची कटाई हुई है मगर RWA का कहना है कि कभी कोई पर्ची नहीं कटाई गई जो सरासर झूठ है। मगर जिसने आजतक एक पर्ची नही कटाई उनका नॉमिनेशन फॉर्म स्वीकार क्यों किया गया ?
मेघा और उनके पति राजीव कुमार का कहना है कि हम ने कभी RWA की कोई भी पर्ची नहीं कटाई।
अब सवाल ये है कि पर्ची न कटाने का कारण बताकर तो अजय शास्त्री का नॉमिनेशन रद्द कर दिया मगर वही दूसरे प्रत्याशी मेघा के नॉमिनेशन को स्वीकार क्यों किया ? जबकि मेघा और उनके पति राजीव कुमार का साफ साफ कहना है कि हम ने कभी RWA की कोई भी पर्ची नहीं कटाई।
अब पुरानी RWA और चुनाव अधिकारी द्वारा अपने बचाव के लिए ये सफ़ेद झूठ बोला जा रहा है कि मेघा ने पर्ची कटाई है। इस पर चुनाव अधिकारी प्रेम अग्रवाल अपना बचाव करते हुए पुरानी RWA पर इसका ठींकरा फोड़ रहे हैं, अब ये ब्लॉक वासियों को देखना है कि झूठी और नाकारा पुरानी RWA का समर्थन करना है या पुनीता रानी की नई और सशक्त टीम का।
अब होगी कानूनी कार्यवाही क्योंकि RWA की तानाशाही आई सामने।
ब्लॉक वासियों का कहना है कि पुरानी RWA पर क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि इनको किसी की छवि ख़राब करने का कोई अधिकार नही है, अब विपक्ष का चुनाव लड़ रही पुनीता रानी की टीम द्वारा SDM से शिकायत की गई है और चुनाव को निष्पक्ष तरीके करवाने की अपील करते हुए चुनाव अधिकारी को भी बदलने की अर्जी लगाई गई है। इस सम्बन्ध में पुनीता रानी की टीम सोमवार को SDM साहब से मिल भी रही है।
पुरानी RWA का कार्यकाल समाप्त होने के बाद किस हक़ से पुरानी RWA द्वारा फैंसले लिए जा रहे है ?
विपक्ष यानि पुनीता रानी की टीम का एक और सवाल है कि पुरानी RWA का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह किस हक़ से फैंसले ले रही है ? चुनाव अधिकारी महोदय भी पुरानी RWA की सभी बातें मानकर फैंसले क्यों ले रहे हैं ? जबकि केवल प्रधान का ही बतौर कार्यवाहक प्रधान तब तक कुछ फैंसले लेने का हक़ रहता है जब तक अगले कार्यकाल की टीम जीतकर नहीं आती उसके बाद कार्यवाहक का कार्य भी समाप्त हो जाता है।
हम आपको बताते है कि पुरानी RWA की बातें क्यों मानी जा रही है क्योंकि चुनाव अधिकारी को पुरानी RWA ने ही नियुक्त किया है इसलिए पुरानी RWA की बाते मानी जा रही है जो कि सरासर गलत है जिस पर पुनीता रानी की टीम क़ानूनी कार्यवाही करने जा रही है।
