अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: आपको बताना चाहते है कि वीपी ब्लॉक पीतमपुरा में RWA का कार्यकाल 2 अक्टूबर 2026 में समाप्त हो गया था और 18 अक्टूबर 2026 को चुनाव होना तय हुआ था, चुनाव में दो पार्टियों ने हिस्सा भी लिया था मगर इसी बीच एक तीसरा मोर्चा भी आ गया और उसने बिना किसी चुनाव के ही खुद को RWA का प्रधान घोषित कर दिया।
अब आपको बताते हैं कि आख़िरकार ये मामला क्या है, पुरानी RWA अपने घमंड में रही कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, हम ही सत्ता में आएंगे, इसलिए विपक्ष में खड़ी दूसरी पार्टी पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर उससे लड़ती-झगड़ती रही मगर पुरानी RWA को ये नहीं मालूम था कि तुम्हारे पीछे कई महीनों से अनीता जैन पड़ी हुई है और आपके खिलाफ सभी सबूत इकट्ठे करके SDM साहब के यहाँ पेश करके RWA की सारी कमान को अपने हाथ में लेने का प्रयास कर रही है, लेकिन पुरानी RWA सोती रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव में गड़बड़ी और धांधली को लेकर जब बहन पुनीता रानी की टीम जब एसडीएम साहब यहाँ पहुंची तो पता चला कि अनीता जैन भी एसडीएम साहब के ऑफिस में ही है और चुनाव न हो इसलिए स्टे लाने के चक्कर में एसडीएम ऑफिस आई है। तो तभी विपक्ष पार्टी यानि बहन पुनिता रानी की पार्टी ने अपना परचा वापस ले लिया और पुरानी RWA को ही निर्विरोध जीतने का अवसर दे दिया।
लेकिन इसी बीच एक बड़ा खेल हो गया, अनीता जैन ने खुद हो निर्विरोध RWA का प्रधान घोषित कर और कोर्ट में RWA के खिलाफ केस रजिस्टर कर दिया।
फ़िलहाल अनीता जैन वीपी ब्लॉक पीतमपुरा में बतौर RWA की प्रधान बनकर सभी ब्लॉक वासियों पर राज कर रही है और मासिक शुल्क मैंटीनैंस के रूप में ₹200/- की रशीद काट रही है।






अब इस बात को लेकर सभी ब्लॉक वासी और दुकानदार हैरान हैं कि बिना चुनाव हुए अनीता जैन प्रधान कैसे बन गई ? और साथ ही RWA की पर्ची अनीता जैन के पास कहाँ से आई और पर्ची काटनी शुरू क्यों की जबकि केस कोर्ट में लंबित है, फ़िलहाल 22 अक्टूबर 2026 कोर्ट की तारीख थी और कोर्ट की अगली तारीख 10 फ़रवरी है।
इस हिसाब से तो जब तक स्टे नहीं हटता और जब तक कोर्ट में केस है तब तक वीपी ब्लॉक में कोई भी प्रधान नही हो सकता।
अब सभी ब्लॉक वासी इस असमंजस में है कि अनीता जैन खुद को कैसे प्रधान घोषित सकती है और RWA की रशीद कैसे काट सकती है?, ब्लॉक वासियों का साफ़ कहना है कि ये तो सरासर तानाशाही है।
साथ में यह भी कहना हैं कि अगर अनीता जैन प्रधान बनी है तो ब्लॉक वासियों की एक मीटिंग बुलाई जाए और खुद को साबित करे कि RWA का प्रधान बनने के ये सबूत हैं।
फ़िलहाल ब्लॉक वासियों में रोष है और उनका मानना है कि यह तो तानाशाही है जिसका हमें विरोध करना चाहिए।
ब्लॉक वासियों का मानना है कि हमें इस बात से फर्क पड़ता कि ब्लॉक में कौन प्रधान बनेगा, हम सिर्फ ये कहना चाहते हैं कि ब्लॉक के विकास के लिए ब्लॉक वासियों की सहमति से ही ब्लॉक का प्रधान बनना चाहिए, वही हमें मंजूर होगा।
