August 2, 2026
Burari News

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला आखिरकार अपहरण और फिरौती तक पहुंच गया. मथुरा में धोखाधड़ी के केस की सुनवाई में पहुंचे एक व्यक्ति का सात लोगों ने कोर्ट के बाहर से अपहरण कर लिया.

इसके बाद उसकी पत्नी को पति के मोबाइल से फोन कर 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई. डर के कारण महिला ने 80 हजार रुपये और अपनी कार भी आरोपियों तक पहुंचा दी, लेकिन इसके बाद भी पति को नहीं छोड़ा गया. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की बुराड़ी थाना टीम हरकत में आई और लगातार तकनीकी निगरानी व छापेमारी के बाद मथुरा के वृंदावन से पीड़ित को सकुशल छुड़ा लिया.

पत्नी को धमकियां, फिरौती के लिए कार तक मंगवाई

पुलिस के मुताबिक बुराड़ी निवासी महिला ने बताया कि उसके पति 23 जुलाई को मथुरा में चल रहे नौकरी ठगी के एक मामले की कोर्ट में पेशी के लिए गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. अगले ही दिन गुमशुदगी दर्ज कराई गई. इसी दौरान पति के मोबाइल से लगातार फोन आने लगे और अपहरणकर्ताओं ने 1.20 करोड़ रुपये की मांग की.

महिला को जान से मारने की धमकी देकर 80 हजार रुपये कार में छिपाने को कहा गया, फिर ड्राइव-यू ऐप से ड्राइवर बुक कर कार यशोभूमि मेट्रो स्टेशन भिजवाई गई जहां आरोपी कार लेकर फरार हो गए. पैसे मिलने के बावजूद जब पति नहीं लौटा और फिर से फिरौती मांगी गई तब महिला ने पुलिस को पूरी बात बताई.

एफआईआर दर्ज होने के बाद बुराड़ी थाना पुलिस ने ड्राइव-यू ऐप का रिकॉर्ड खंगाला और ड्राइवर तक पहुंची. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम पहले गुरुग्राम पहुंची, लेकिन आरोपी वहां से निकल चुके थे. लगातार तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस मथुरा पहुंची और वृंदावन के गोपालगढ़ इलाके में एक मकान से पीड़ित को बरामद कर लिया. पुलिस के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा था.

सात आरोपी गिरफ्तार, दो कारें, मोबाइल, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, इनमें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के रहने वाले लोग शामिल हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो कारें, पीड़ित का मोबाइल, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किया है. एक आरोपी बालाजी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. पुलिस पीड़ित की कार और वसूली गई रकम की बरामदगी का भी प्रयास कर रही है.

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2022-23 में पीड़ित ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे और उनके परिचितों से लाखों रुपये लिए थे. न नौकरी मिली और न ही पैसा वापस मिला. इस मामले में मथुरा के रिफाइनरी थाने में पहले से धोखाधड़ी का केस दर्ज है जिसमें पीड़ित गिरफ्तार भी हो चुका था और बाद में जमानत पर बाहर आया था. आरोपियों का कहना है कि बार-बार पैसे मांगने के बावजूद रकम नहीं मिली. 23 जुलाई को जब वह कोर्ट पहुंचा तो उसे बाहर से अगवा कर लिया और फिरौती मांगने की साजिश रच डाली.

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