August 2, 2026
Jama Masjid News

अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)

बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई तैयारी शुरू कर दी है. चांदनी चौक के बाद अब जामा मस्जिद और आसपास के विरासत क्षेत्रों के व्यापक पुनर्विकास की योजना पर विचार किया जा रहा है. प्रस्तावित योजनाओं में पैदल यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक बनाने जैसे कई अहम काम शामिल हैं.

चांदनी चौक के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी

सरकार की प्राथमिकता फिलहाल पैदल यात्री अनुकूल कॉरिडोर के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की है. यह परियोजना उस मॉडल का विस्तार होगी, जिसके तहत वर्ष 2021 में लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक करीब 1.3 किलोमीटर लंबे हिस्से को नए स्वरूप में विकसित किया गया था. अब इसी तरह की सुविधाएं आसपास के अन्य ऐतिहासिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है.

योजना के तहत जामा मस्जिद परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ शाही इमाम रोड को बेहतर बनाने, मीना बाजार की इमारतों के बाहरी स्वरूप को संवारने और जनाना पार्क, उर्दू पार्क तथा दंगल पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों के पुनरोद्धार पर भी विचार किया जा रहा है. इसके अलावा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भूमिगत उपयोगिता सेवाओं को भी आधुनिक बनाने का प्रस्ताव शामिल है.

चरणबद्ध तरीके से होंगे विकास कार्य, चार प्रमुख परियोजनाएं

इन प्रस्तावों पर हाल ही में इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई. यही एजेंसी पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्रों के संरक्षण, पुनर्विकास और आधुनिक शहरी सुविधाओं के समन्वित विकास की जिम्मेदारी संभाल रही है. अधिकारियों के अनुसार सभी परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति बनाई जा रही है.

अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल चार प्रमुख परियोजनाओं पर मंथन चल रहा है. उद्देश्य केवल विरासत इमारतों का संरक्षण करना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है. इससे ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए पूरे क्षेत्र का अनुभव अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा.

जामा मस्जिद तक बढ़ सकता है हेरिटेज कॉरिडोर

अधिकारियों के अनुसार पहले तैयार किए गए दूसरे चरण के ब्लूप्रिंट की भी समीक्षा की जा रही है. इसमें मौजूदा चांदनी चौक कॉरिडोर को जामा मस्जिद और आसपास के प्रमुख बाजारों से जोड़ने का प्रस्ताव है. योजना में सड़कों का हेरिटेज स्वरूप विकसित करने, भूमिगत बिजली और अन्य सेवाओं की व्यवस्था करने तथा ट्रैफिक और पैदल यात्रियों के आवागमन को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है.

पूरे पुनर्विकास कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए स्वच्छता, यातायात, पर्यटन सुविधाओं और सार्वजनिक आधारभूत ढांचे में सुधार करना है. इस दिशा में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगी, ताकि वॉल्ड सिटी का विकास विरासत और आधुनिकता के संतुलन के साथ किया जा सके.

सरकार की पुनर्विकास की योजना रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार के साथ

बीसीआर न्यूज़ से जामा मस्जिद स्थित मीणा बाजार में रेहड़ी पटरी दुकान लगाने वाले दुकानदार मोहम्मद अफजाल ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा इस क्षेत्र का सौंदर्यीकरण यानी विकास करने की योजना बना रही है सही है, हमलोग इसका पूरा समर्थन करते हैं पर यहां पर जो सालों से रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार अपनी आजीविका यही से चला रही हैं उसका सरकार विशेष ध्यान रखे क्योकिं सभी के पास यहां के अलावा कोई काम काज या व्यापार की जगह नहीं है.

मोहम्मद हैदर अली ने भी बीसीआर न्यूज़ की टीम को बताया कि सरकार इस क्षेत्र की रीडप्लेपमेंट कर रही है अच्छी बात है लेकिन मै सरकार से गुजारिश करना चाहता हूं कि यहां सालों से देश के अलग-अलग राज्यों से जो लोग काम कर रहे हैं, उनको ध्यान में रखते हुए रीडप्लेपमेंट करें ताकि कोई बेरोजगार न हो. सभी रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले सुबह आते हैं और शाम होते होते चले जाते हैं. अगर उनको हटाया जाएगा तो कई परिवार भूखे सोने पर मजबूर हो जाएंगे.

मोहम्मद दिलशाद आलम बुजुर्ग शख्स पान की दुकान लगाते है उन्होने बीसीआर न्यूज़ के सवालों पर जवाब देते हुए कहां की सारी उम्र यही बीता दिया अब कहां जायेंगे. सरकार इस क्षेत्र को सुंदर बनाने की पॉलिसी ला रही है अच्छी बात है पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी पर हम लोगों को यही कही व्यवस्था करवा कर रिडेवलपमेंट का कार्य शुरू करें.

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