एसीबी ने तीन दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन की रिमांड मंजूर की थी
बीसीआर न्यूज़ ब्यूरो, गुजरात
बीसीआर न्यूज़/वडोदरा।। वडोदरा शहर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज 10 हजार रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार मंजलपुर पुलिस स्टेशन की पीएसआई मल्लिकाबेन खीमजीभाई परमार को एक दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए वडोदरा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया।
मामले के अनुसार, मंजलपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान पीएसआई मल्लिका परमार और एएसआई जयकिशन सोमाजी गामेती पर शिकायतकर्ता को परेशान न करने तथा जमानत की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के बदले पहले 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये तय हुई और शिकायतकर्ता को यह राशि एएसआई जयकिशन गामेती को देने के लिए कहा गया।
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद ट्रैप आयोजित किया गया। ट्रैप के दौरान एएसआई जयकिशन गामेती अपनी मारुति स्विफ्ट कार के डैशबोर्ड पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
एसीबी ने अदालत में दलील दी कि रिश्वत की रकम में किसका कितना हिस्सा था, क्या इस मामले में कोई अन्य अधिकारी भी शामिल है तथा क्या पहले भी अन्य नागरिकों से रिश्वत ली गई थी, इसकी जांच के लिए आरोपी की पुलिस हिरासत आवश्यक है।
सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अनिल देसाई ने दलीलें पेश कीं।
हालांकि एसीबी द्वारा तीन दिन की पुलिस रिमांड की मांग किए जाने के बावजूद अदालत ने केवल एक दिन की रिमांड मंजूर की थी। रिमांड अवधि पूरी होने पर गुरुवार को पीएसआई मल्लिका परमार को पुनः अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए वडोदरा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया गया।
