- अस्पताल के इंजेक्टेबल ड्रग्स यूनिट का निरीक्षण
- पंजाब की कंपनी ने बनाया था इंजेक्शन
- अस्पताल के इंजेक्टेबल ड्रग्स यूनिट का निरीक्षण
अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में घटिया ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई का मामला सामने आया है। ड्रग कंट्रोल विभाग की छापेमारी में ये इंजेक्शन जब्त किए गए हैं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में सप्लाई किए गए घटिया क्वॉलिटी के ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने आरएमएल अस्पताल में छापेमारी की, जहां घटिया क्वॉलिटी के ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन पाए गए। अधिकारियों ने अस्पताल में रखे 2675 इंजेक्शन जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि इसी कंपनी के ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई राजस्थान के कोटा स्थित एक सरकारी अस्पताल में हुई थी, जहां पांच महिलाओं की मौत का मामला सामने आया है।
दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग को 4 जून को एक ई-मेल मिला, जिसमें ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन आईपी 5 आईयू/एमएल (1 एमएल), बैच नंबर 1-7881 (निर्माण तिथिः नवंबर 2025, एक्सपायरी: अक्टूबर 2027) पर संदेह जताया गया था। यह इंजेक्शन पंजाब अमृतसर स्थित एक कंपनी द्वारा बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह दवा ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वॉलिटी’ यानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं मिली। क्योंकि इसमें सक्रिय तत्व ऑक्सिटोसिन (सिंथेटिक) बिल्कुल नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, इसी बैच के 1 एमएल क्षमता वाले 3000 एम्प्यूलकी सप्लाई आरएमएल अस्पताल को 22 अप्रैल को हुई थी, जो संबंधित कंपनी की ओर से बनाए गए थे।
सूचना मिलने के बाद 17 जून को ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने आरएमएल अस्पताल के इंजेक्टेबल ड्रग्स यूनिट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान संबंधित बैच के 2875 इंजेक्शन स्टॉक में मिले। इनमें से जांच के लिए नमूने लेने के बाद बचे हुए 2675 इंजेक्शन को जब्त कर सील कर दिया गया। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इस इंजेक्शन की क्वॉलिटी खराब पाई गई है। हालांकि, इंजेक्शन के कुछ सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
