अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्लीः साकेत कोर्ट में एक आरोपी ने फर्जी एनकाउंटर, अवैध कस्टडी और पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के आरोप लगाए। दावा किया कि जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी भी एनकाउंटर के दौरान मौजूद थे। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच कराने के ऑर्डर दिए। संबंधित स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) को एनकाउंटर करने वाली टीम के मेंबरों की लोकेशन चार्ट और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा गया है।
साउथ ईस्ट जिला पुलिस का दावा था कि 29 जून की रात 12:15 बजे वॉन्टेड बदमाश नजफगढ़ के बापरौला निवासी प्रमोद कुमार उर्फ टूटन (32) और राजेश कुमार (34) किसी वारदात को अंजाम देने जल विहार की तरफ आ रहे थे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने पर दोनों के पैर पर गोलियां लगीं। इनसे पिस्टल, कारतूस और खोखे रिकवर किए गए। प्रमोद पर 113 तो राजेश पर 15 मामले दर्ज मिले।
पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप
- आरोपी प्रमोद ने कोर्ट में दावा किया कि सराय काले खां बस अड्डे से पकड़कर आधी रात को पुलिस अनजान जगह ले गई।
- बताया कि आज एनकाउंटर किया जाएगा, क्योंकि उस पर कई केस हैं।
- सिर कपड़े से ढक कर एक कमरे में ले जाया गया, जहां पुलिस वालों ने पिटाई की।
- उल्टा लटकाकर मारा, कपड़े उतरवा लिए और कई मामलों में पूछताछ की।
- सिविल ड्रेस में आए कुछ लोगों ने गले में कपड़ा बांधा, सिर फिर से ढक दिया और कार में बैठाकर करीब 30-40 मिनट बाद कहीं ले गए।
- दावा है कि वहां कपड़े पहनने को कहा। एक पुलिसकर्मी आया, जिसने जानबूझकर बाइक और हेलमेट जमीन पर गिराए, ताकि घटनास्थल को एनकाउंटर जैसा दिखाया जा सके।
- फिर दीवार के सामने बैठाया और दाएं पैर के घुटने के नीचे कपड़ा बांधा, आंखें बंद करने को कहा गया और उसी जगह पर गोली मार दी।
- दूसरे आरोपी राजेश के साथ भी ऐसा ही किया गया। वहां पर एक सीनियर पुलिस अफसर मौजूद थे, जिन्हें डीसीपी या एसीपी लेवल का बताते हुए हेमंत तिवारी नाम से पहचाना।
DCP की मौजूदगी की जांच ठीक हो
जूडिशल मैजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राहुल जैन ने ऑर्डर में कहा है कि डीसीपी हेमंत तिवारी के एनकाउंटर की जगह मौजूद होने का दावा किया गया है। इसलिए ठीक से जांच होनी चाहिए। जिले का कोई भी अधिकारी जांच टीम में ना हो। एनकाउंटर टीम के सभी मेंबरों की लोकेशन चार्ट सुरक्षित रखी जाए। उम्मीद की जाती है कि जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के एक मामले में दिए गए निर्देशों के अनुसार ही दाखिल की जाएगी।
पुलिस बोली, फंसा रहा है आरोपी
जांच अधिकारी एसआई विनय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आरोपियों ने पुलिस पर पहले 4 राउंड फायरिंग की थी। आरोपी के खिलाफ पहले से पुलिस पर हमला करने के केस है। वह पुलिस को फंसा रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोप चौंकाने वाले हैं, जो कथित फर्जी मुठभेड़ों में अपनाए जाने वाले तरीके से मेल खाते हैं। इसलिए निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।
