अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/भिंड: मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर भिंड के होनहार युवा यश दीक्षित ने जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। समाजसेवी मुकेश दीक्षित के पुत्र यश का चयन एक प्रतिष्ठित अमेरिकी कंपनी ओनाम (Onam) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हुआ है, जहाँ उन्हें 55 लाख रुपये वार्षिक पैकेज मिला है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
यश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भिंड के सिटी सेंट्रल स्कूल से प्राप्त की। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे यश ने इंजीनियर बनने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए राजस्थान के कोटा में रहकर दो वर्षों तक आईआईटी-जेईई की तैयारी की। वर्ष 2023 में उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर प्रतिष्ठित एनआईटी कर्नाटक, सुरथकल में प्रवेश प्राप्त किया।
कॉलेज के दौरान भी यश ने हर वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपने विभाग में शानदार अंक हासिल कर शिक्षकों एवं साथियों के बीच अलग पहचान बनाई। बीटेक की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनकी प्रतिभा और परिश्रम का परिणाम उन्हें अमेरिकी कंपनी ओनाम (Onam) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में नियुक्ति के रूप में मिला, जहाँ उन्हें 55 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज दिया गया है।
UPSC है अंतिम लक्ष्य
कॉर्पोरेट क्षेत्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करने के बावजूद यश का सपना यहीं समाप्त नहीं होता। उनका लक्ष्य आगे एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के माध्यम से देश और समाज की सेवा करना है। उनका मानना है कि तकनीकी क्षेत्र के अनुभव के साथ प्रशासनिक सेवा में बेहतर योगदान दिया जा सकता है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
यश दीक्षित की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन भी दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग के सामने बाधा नहीं बनते। उनकी उपलब्धि आज भिंड सहित आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
परिवार और शहर में खुशी
यश की सफलता से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने समाजसेवी मुकेश दीक्षित और यश दीक्षित को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिले के लोगों ने इसे भिंड के लिए गर्व का विषय बताया है।
