अजय शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: प्रयागराज के ऐतिहासिक गढ़वा किले में 2002 में हुई दुर्लभ बुद्ध प्रतिमा चोरी और चौकीदार की हत्या के मामले में सीबीआई को 24 साल बाद बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के नसीरपुर गांव से आखिरी फरार आरोपी रामनारायण उर्फ हैदर को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित मामले के सभी फरार आरोपी कानून की गिरफ्त में आ चुके हैं।
ज्ञात हो कि अप्रैल 2002 की रात 11 बदमाश एएसआई से संरक्षित गढ़वा किले में घुसे थे।
आरोप है कि उन्होंने चौकीदार विनोद कुमार श्रीवास्तव की पीट-पीटकर और मुंह दबाकर हत्या कर दी, जबकि दूसरे चौकीदार को बंधक बना लिया।
इसके बाद स्टोर रूम का ताला तोड़कर सदियों पुरानी पत्थर की भगवान बुद्ध की दुर्लभ प्रतिमा चुरा ली। प्रतिमा ले जाते समय दो हिस्सों में टूट गई, लेकिन आरोपी उसे साथ ले गए। इस मामले की जांच 2003 में सीबीआई को सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना विजय कुमार शुक्ला ने प्रतिमा के दोनों टुकड़े 2.20 लाख रुपये में बेच दिए। बाद में प्रतिमा दिल्ली के महिपालपुर के एक गोदाम में रखी गई और फिर विदेश भेज दी गई।
आपको कि अप्रैल 2002 में गढ़वा किले से बुद्ध प्रतिमा चोरी और चौकीदार की हत्या हुई थी। 2003 में जांच स्थानीय पुलिस से सीबीआई को सौंपी दी गई थी तभी से सीबीआई जांच में जुटी हुई थी।
