यह शिकायत पत्र सभी सम्बंधित विभाग को भेजा गया है –
सेवा में, दिनांक: 03.10.2025
आदरणीय व यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नमस्कार,
प्रधानमंत्री, भारत सरकार
विषय: तबादले से बौखलाए प्रधानाचार्य तबादला रुकवाने हेतु स्वयं गठित कठपुतली एसएमसी के साथ मिलकर अध्यापकों, अभिभावकों व छात्रों पर दबाओ बनाकर अपने समर्थन में पत्र पर हस्ताक्षर ले रहे हैं।
आपको बता दें कि कई घोटालों में लिप्त पाए जाने पर सम्बंधित विभाग द्वारा तबादला करने पर बौखलाए हुए हैं सर्वोदय विद्यालय एफयू ब्लॉक, पीतमपुरा के प्रधानाचार्य डॉ करमवीर सिंह, मगर तबादले को चैलेंज करते हुए स्वयं द्वारा गठित कठपुतली एसएमसी का साथ लेते हुए अध्यापकों पर दबाओ बनाकर अपने पक्ष में यानि तबादला रुकवाने के लिए पत्र लिखवाकर हस्ताक्षर करवा रहे हैं साथ ही अभिभावकों व छात्रों को बहला-फुसलाकर उनके हस्ताक्षर भी तबादला रुकवाने वाले पत्र पर करवा रहे हैं।
हमारे द्वारा दी गयी शिकायत में एसएमसी का फ़र्ज़ी तरीके से गठन किया गया था जिसकी हमने सम्बंधित विभाग को शिकायत के माध्यम से सूचना दी थी। निम्न जानकारी हम नीचे बता रहे हैं –
- एसएमसी के फण्ड का गमन करना।
- अध्यापकों से दान के रूप में 11-11 हज़ार रूपये लेकर गमन करना।
- रामलीला कमिटी द्वारा दिए गए दान पर अपना नाम देकर प्रदर्शित करना, रामलीला कमेटी तो हमेशा स्कूल को सहयोग करती आ रही है क्योंकि उनको रामलीला के वक़्त पार्किंग चाहिए होती है।
- रामलीला कमेटी द्वारा स्मार्ट इंटेरेक्टिव पैनल व कंप्यूटर आदि दान के रूप में दिए थे मगर प्रधानाचार्य स्वयं यह श्रेय लेना चाहते हैं।
- विद्यार्थियों की यूनिफार्म, जूते, स्पोर्ट शूज के नाम पर अन्य श्रोतों से दान के रूप में अर्जित कर गमन करना।
- वाईस चेयरमैन के हस्ताक्षर किये बिना फर्जी बिल पास करवाना।
- एसएमसी की मीटिंग में एसएमसी के सदस्यों के मिनट्स रजिस्टर पर हस्ताक्षर न करवाना।
- मीटिंग के वक़्त हस्ताक्षर एक अलग पेज पर लेना और उन हस्ताक्षरों को किसी भी बिल के साथ संलग्न करके बिल पास करवाना।
- जो एसएमसी सदस्य मीटिंग वाले दिन नहीं आता था उसके हस्ताक्षर बाद में अन्य किसी दिन करवाना।
- स्टेट मैनेजर का एसएमसी के साथ मीटिंग में शामिल न करना।
- बिलों पर स्टेट मैनेजर के हस्ताक्षर न करवाना।
- स्कूल की छुट्टी होने के बाद प्रधानाचार्य का स्कूल में देर रात तक रुकना।
- स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूल में पुरुषों व महिलाओं का प्रिंसपल से मिलने आना।
- अखबार के नाम पर अभिभावकों से 200 रूपये वसूलना और धमकी देना कि अगर अभिभावकों ने अखबार के पैसे नहीं दिए तो बच्चों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जायेगा।
- स्कूल के बाहर रोजाना बच्चों का झगड़ा होना।
- छात्रों के बैग से स्कूल में चाकू इत्यादि का निकलना।
- हाउस सदस्य का सुबह स्कूल लगने के वक़्त व छुट्टी के वक़्त गेट पर न होना।
इसलिए आपसे सादर अनुरोध है कि फर्जी तरीके से बनायीं गई एसएमसी का चुनाव भी निष्पक्ष तरीके से फिर से करवाया जाये।
इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि संबंधित विभाग को भेजी गई है –
- प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार
- शिक्षामंत्री कार्यालय, भारत सरकार
- मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार (हमारे विधायक, शालीमार बाग)
- शिक्षामंत्री, दिल्ली सरकार
- शिक्षा निदेशक, दिल्ली
- क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक, पीतमपुरा, दिल्ली
- शिक्षा उपनिदेशक, पीतमपुरा, दिल्ली
शिकायतकर्ता अजय शास्त्री (अभिभावक एवं पत्रकार), दिलीप सिंह (अभिभावक), संतोष कुमार (अभिभावक) का कहना है कि प्रधानाचार्य डॉ कर्मवीर सिंह अपने पद का दुरूपयोग कर रहे हैं और अभिभावकों को बेवक़ूफ़ बनाकर लाखों का गमन कर रहे हैं।
