October 10, 2026
Rajnath Singh

बीसीआर न्यूज़ (नई दिल्ली): गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि घाटी में अशांति के पीछे पाकिस्तान है और आगे पाकिस्तान से कश्मीर पर नहीं पीओके पर बात होगी। वे राज्यसभा में चर्चा पर जवाब दे रहे थे। गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि कश्मीर में कभी भी लगातार कर्फ्यू नहीं लगाया गया। लेकिन वहां जो कुछ हो रहा है कि वह पाकिस्तान प्रायोजित है।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, ‘मैं पाकिस्तान गया था और वहां 30 से अधि‍क प्रतिनिधि‍मंडल से मिला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से अब जब भी बात होगी तो कश्मीर पर नहीं पाक अधि‍कृत कश्मीर पर होगी।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा है कि कश्मीर में हिंसा के दौरान पत्थरबाजी के कारण 100 से ज्यादा एंबुलेंस को नुकसान पहुंचा, लेकिन अभी भी वहां 400 से अधि‍क एंबुलेंस तैनात हैं। सिंह ने कहा, ‘कर्फ्यू और हिंसा के बावजूद कश्मीर में जरूरी सामानों की कमी नहीं होने दी गई। मैं यह नहीं कहता कि हालात सामान्य हो गए हैं, लेकिन इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।’

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के पीएम मोदी पर लगाए गए आरोप का जवाब देते हुए कहा कि ‘यह कहना गलत है कि पीएम मुद्दों पर नहीं बोलते। मुझे गृह मंत्री बनाया गया है और सदन में मैं किसी मुद्दे पर जो भी बोलता हूं, उस पर पीएम की सहमति और मर्जी होती है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को होने वाली सर्वदलीय बैठक में पीएम मौजूद होंगे और सभी सवालों का जवाब देंगे।
राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लश्कर के आतंकी सुरक्षा बलों के जवान और उनके परिवार को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के बाद घाटी को सेना के हवाले नहीं करने जा रही है और हम इस मुद्दे पर सभी पक्षों और दलों से बात कर रहे हैं।
हम सबसे बात करने के लिए तैयार हैं। हमने मुख्यमंत्री से भी सभी से बात करने को कहा है। लेकिन हम भारत में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हमसे जम्मू-कश्मीर नहीं छीन सकती।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में हिंसा, पत्थरबाजी में 4515 सुरक्षा बलों के जवान घायल हुए, जबकि घायल नागरिकों की संख्या 3356 है। हिंसा के दौरान अस्पतालों में 2656 रोगी भर्ती हुए, इनमें से 2500 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पतालों में 8000 छोटी-बड़ी सर्जरी की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *