अजय शास्त्री (संपादक व प्रकाशक)
बीसीआर न्यूज़/नई दिल्ली: सस्ती और घटिया पब्लिसिटी पाने के चक्कर में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जो हरकत की है वह बहुत ही शर्मिंदा करने वाली हरकत है, पंजाबी और बॉलीवुड गायक दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद मनोरंजन जगत की कई हस्तियां गायक के समर्थन में सामने आई हैं। राजपाल यादव, अनुपम खेर, कपिल शर्मा और बादशाह जैसे कलाकारों व फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के बाद अब नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन ने भी दलेर मेहंदी के पक्ष में आवाज उठाई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर चिंता जताते हुए कलाकारों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की मांग की है।
नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी
फिल्म और टेलीविजन उद्योग से जुड़े कर्मचारियों व निर्माताओं के संगठन ‘नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन’ ने कहा कि किसी कलाकार की शारीरिक स्थिति या प्रस्तुति को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों को संभालने का तरीका संवेदनशील और सम्मानजनक होना चाहिए। संगठन के मुताबिक सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी कलाकार को सबके सामने फटकारने के बजाय संबंधित मुद्दे को निजी तौर पर और समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए। नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह इस मामले पर ध्यान दें और संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को कलाकारों के साथ व्यवहार करते समय अधिक संवेदनशीलता बरतने की सलाह दें।
दलेर मेहंदी की सेहत का भी किया जिक्र
‘नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन’ ने दलेर मेहंदी की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और हाल ही में हुई सर्जरी से उबरने की बात का उल्लेख किया है। नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन का कहना है कि ऐसी स्थिति में किसी कलाकार की शारीरिक अवस्था को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उसकी सेहत से जुड़ी किसी भी चिंता को सहानुभूति और पेशेवर तरीके से संभाला जाना चाहिए। पत्र में दलेर मेहंदी की जीवनशैली को लेकर भी सफाई दी गई है। नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन ने कहा कि गायक शराब का सेवन नहीं करते हैं। ऐसे में उनकी स्थिति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन ने दलेर मेहंदी के संगीत जगत में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वह भारतीय संगीत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनके गानों और प्रस्तुतियों ने कई पीढ़ियों के श्रोताओं के बीच लोकप्रियता हासिल की है। नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन के मुताबिक, इतने वरिष्ठ कलाकार के सार्वजनिक अपमान से मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को दुख पहुंचा है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद रविवार रात उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। उत्तराखंड सरकार की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री के इस व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मनोरंजन जगत में प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी और वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान का मुद्दा उठाया।
नॉर्थ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष व बॉलीवुड सिने रिपोर्टर (समाचार पत्र) के संपादक व प्रकाशक अजय शास्त्री का कहना है कि मंत्री सुबोध उनियाल को माफ़ी मांगनी चाहिए और गायक दलेर मेहंदी जैसे वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान करना चाहिए।
